अप्रवासी, जो बना ड्रोन निर्माण का बादशाह

  • 15 मार्च 2015
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मेक्सिको के रहने वाले जोर्डी मुनोज़ महज़ दस साल पहले मेक्सिको से अमरीका आए थे और आज वो दुनिया की सबसे बड़ी व्यावसायिक ड्रोन बनाने वाली कंपनियों में से एक के मालिक हैं.

मुनोज़ बताते हैं कि जब वह पहले-पहल अमरीका आए थे और अपने ग्रीन कार्ड (नागरिकता) का इंतज़ार कर रहे थे तो उन्हें ऐसा महसूस होता था कि वह एक 'बड़ी जेल' में रह रहे हैं.

मुनोज़ उस वक्त 20 साल के थे और अपनी गर्लफ्रेंड के साथ उन्होंने लॉस एंजिल्स के पास घर बनाया था.

लेकिन कानूनन तब न वह काम कर सकते थे और न ही कॉलेज में दाखिला ले सकते थे, जब तक उन्हें उनका पहचान पत्र न मिल जाए जो उन्हें देश में रहने और काम करने का हक़ देता था.

आज 28 साल के मुनोज़ अमरीका की सबसे बड़ी कॉमर्शियल ड्रोन निर्माता कंपनी के सह-संस्थापक हैं.

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साल 2007 में उन हताशा भरे सात महीनों के दौरान बैठे रहने के बजाय मुनोज़, जिनकी मॉडल प्लेन में बहुत ज़्यादा रुचि थी और जो एक कंप्यूटर प्रोग्रामर थे, ने अपने गैराज में अपना ड्रोन बनाना शुरू किया.

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ड्रोन, जो ऊंचाई पर उड़ने वाला मानव रहित जहाज़ है, यकीनन रिमोट कंट्रोल से चलने वाले जहाज़ का तकनीकी रूप से बहुत उन्नत संस्करण है जिसमें तस्वीरें खींचने या वीडियो बनाने के लिए कैमरा लगा होता है.

मुनोज़ ने ड्रोन के ऑटोपायलट सिस्टम को एक गेम के कंसोल रिमोट कंट्रोल से बनाया. और सर्किट बोर्ड में माइक्रोचिप्स लगाने के लिए उन्होंने उसे अपने घर के ओवन में गरम किया था.

इस साल उनकी कंपनी, 3डी रोबोटिक्स के 5 करोड़ डॉलर (3.10 अरब रुपये से ज़्यादा) बिक्री का आंकड़ा छूने की उम्मीद है.

लेकिन जब मुनोज़ अपने पहले प्रोटोटाइप पर काम कर रहे थे तब उन्होंने अपने काम की प्रगति के बारे में अन्य डीआईवाई (डू इट योरसेल्फ़) उत्साही लोगों को बताने के लिए एक वेबसाइट पर पोस्ट डालना शुरू किया था.

वहां दूसरे लोगों से सलाह और प्रोत्साहन तो मिला ही एक आदमी उनसे इतना प्रभावित हुआ कि उसने मुनोज़ को 500 डॉलर (31,717 रुपये से ज़्यादा) की सहायता दी ताकि वह अपना काम जारी रख सकें.

जिस व्यक्ति ने उन्हें यह सहायता राशि दी थी वह एक प्रभावशाली पत्रकार क्रिस एंडरसन थे. वह उस समय सैन फ्रांसिस्को की टेक्नोलॉजी मैग़्ज़ीन वायर्ड के प्रमुख संपादक थे.

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फिर उन दोनों के बीच नियमित रूप से ईमेल और फ़ोन से बातचीत होने लगे और अंततः मुनोज़ कई दर्जन ड्रोन के प्रोटोटाइप बनाने और उन्हें बेचने में कामयाब रहे.

फिर 2009 में मुनोज़ और एंडरसन ने मिलकर व्यापार करने का फ़ैसला किया और अपनी ड्रोन बनाने वाली कंपनी बनाई.

और इस तरह वास्तव में मिले बिना उन्होंने अपनी कंपनी 3डी रोबोटिक्स की शुरुआत की.

गूगल पीएचडी

मुख्य तकनीकी अधिकारी के रूप में मुनोज़ प्रौद्योगिकी का काम करते और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में एंडरसन व्यापार और निवेश जैसे कामों पर ध्यान केंद्रित करते.

फिर अंततः दोनों मिले और उनकी साझीदारी काम कर गई. कंपनी ने बहुत तेजी से प्रगति शुरू कर दी क्योंकि पिछले पांच साल में ड्रोन की वैश्विक मांग में बहुत ज़्यादा बढ़ोतरी हुई.

लेकिन बहुत तेज़ी से विकसित होती कंपनी का सह-मालिक होना मुनोज़ के लिए एक तरह का झटका था जिनके पास पहले न तो किसी किस्म का व्यापारिक प्रशिक्षण था न ही नेतृत्व का अनुभव और न ही वह कभी कॉलेज गए थे.

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इसके बजाय वह अकेले ही काम करना पसंद सकते थे और इंटरनेट से सीखते थे.

वह कहते हैं, "मैं ऐसी पीढ़ी का हूं जहां हम लोग गूगल पीएचडी करते हैं. हम बस गूगल करके सब कुछ जान लेते हैं और ऑनलाइन कुछ पढ़ाई कर लेते हैं."

"लेकिन उधर कंपनी इतनी तेज़ी से बढ़ रही थी कि मैं इसके साथ नहीं चल पा रहा था.... यह अचानक 'धमाके' की तरह था और फिर जल्द ही हम बड़ी कंपनी बन गए."

शुक्र है कि मुनोज़ को अहसास हो गया कि उन्हें 'बहुत अनुभव वाले लोगों' को कंपनी में लाने की ज़रूरत है जो वह काम कर सकें, जिसे वह खुद नहीं कर पा रहे थे.

अब कंपनी में चार मुख्य जगहों पर 357 कर्मचारी हैं. मुनोज़ दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया के सैन डियागो में बैठते हैं, जो कंपनी का प्रौद्योगिकी केंद्र है.

उत्पादन मैक्सिकन सीमा के पार तिजुआना में होता है, जो मुनोज़ का गृहनगर है. कंपनी की सेल्स टीम ऑस्टिन, टेक्सास में काम करती है.

तिरेपन साल के एंडरसन 3डी रोबोटिक्स के व्यापार पक्ष को देखते हैं और सैन फ्रांसिस्को के नज़दीक बर्कले में रहते हैं.

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वह सैन फ्रांसिस्को क्षेत्र में इसलिए रहे ताकि वह घर के साथ ही सिलिकॉन वैली की महत्वपूर्ण निवेशकों के भी नज़दीक रहें जिन्होंने कंपनी के विकास में मदद की है.

3डी रोबोटिक्स अब पांच अलग तरह के रोबोट बनाती है, जिनकी कीमत 740 डॉलर (46,046 रुपये से ज़्यादा) से 5,400 डॉलर (3.35 लाख रुपये से ज़्यादा) तक होती है.

मुनोज़ बताते हैं कि उनकी कंपनी की बिक्री ने 2011 में 10 लाख डॉलर (6.22 करोड़ रुपये से ज़्यादा) का आंकड़ा छुआ था. दो साल बाद 2013 में यह एक करोड़ डॉलर (62.24 करोड़ रुपये से ज़्यादा) तक पहुंचा और इस साल का लक्ष्य 4 करोड़ डॉलर (2.48 अरब रुपये से ज़्यादा) से ज़्यादा का है.

बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अब चीन में अतिरिक्त उत्पादन किया जा रहा है.

सॉफ़्टवेयर सबसे लिए

3डी रोबोटिक्स की सफलता की एक वजह इसका एक ऐसा बिज़नेस मॉडल है जो दूसरे उद्योगों के मालिकों की हालत पतली कर दे. कंपनी के ड्रोनों का ऑपरेटिंग सिस्टम किसी भी ऐसी कंपनी के लिए मुफ़्त में उपलब्ध है जो अपना खुद का ड्रोन बनाना चाहती है.

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यह सॉफ़्टवेयर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है या 'ओपन सोर्स्ड' है क्योंकि अपने गैराज में शुरुआती प्रयोग के दिनों से ही मुनोज़ ने अपने काम को ऑनलाइन पब्लिश किया था और अन्य ड्रोन बनाने के इच्छुकों से सुझाव और मदद मांगी थी.

इसका मतलब यह हुआ कि कोई भी प्रतियोगी इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर सकता है, जैसा कि कई चीनी कंपनियां कर भी रही हैं.

मुनोज़ के अनुसार ऑपरेटिंग सिस्टम इसलिए बेहतर है क्योंकि अन्य लोगों की सलाह भी इसमें शामिल हैं.

वह कहते हैं, "अगर मैंने अकेले ही इसे तैयार किया होता तो यह इतना ज़्यादा नहीं बिकता."

3डी रोबोटिक्स लगातार विकास कर रही है. मुनोज़ कहते हैं शुरुआत में अप्रवासी विभाग के साथ मुश्किलें आने के सिवा अमरीका अब तक उनके लिए अच्छा ही रहा है.

वह कहते हैं, "यहां आपको काफ़ी समर्थन मिलता है- 'हे, यह तो बहुत शानदार है! लगे रहो' यह उस मानसिकता के एकदम विपरीत है जो मेरे (स्व) देश में मिलती है."

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