बॉस से बदला: प्रोफ़ाइल डेटिंग साइट पर चढ़ाया

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जब मेलबर्न में बेन न्यूमान ने कई बार चेतावनी देने के बाद, एक कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया, तो उसे अंदाज़ा नहीं था कि उस कर्मचारी की प्रतिक्रिया कंपनी को इतना नुक़सान पहुँचाने वाली होगी.

निकाले गए कर्मचारी की ग़लती ये थी कि दफ़्तर के अंदर उसके मज़ाक से उसके सहकर्मी ख़ासे परेशान हो रहे थे.

न्यूमान जानते थे कि कर्मचारी नौकरी से निकाले जाने की ख़बर से नाराज़ होगा. लेकिन उन्हें ये नहीं पता था कि वो 4000 डॉलर की मशीन के वो दो पुर्ज़े ही गायब कर देगा जिनके बिना मशीन बेकार हो जाएगी. न्यूमान मेलबर्न में एक मोबाइल 'बार एंड बेवरेज केटरिंग' कंपनी चलाते हैं.

बदला लेना आम है?

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हममें से कई लोग जब ऑफ़िस या बॉस से तंग हो जाते हैं तो कभी न कभी सहकर्मी या बॉस से बदला लेने का सोचने लगते हैं.

जो लोग इंटरनेट पर बदले की कार्रवाई करते हैं, उन्हें हम 'इंटरनेट पर हीरो' बना देते हैं.

इसी तरह से ताइवान की एनिमेशन कंपनी के एक एक्जीक्यूटिव ने यू-ट्यूब पर इस्तीफ़े की घोषणा कर दी.

और, गोल्डमैन सैक्स ने न्यूयॉर्क टाइम्स पर विज्ञापन देकर कंपनी को 'टॉक्सिक' (ज़हरीला) और 'डेस्ट्रक्टिव' (विनाशकारी) बताया.

जो लोग इस तरह से बदला लेते हैं, उनमें से अधिकतर समाज के दुश्मन नहीं, सामान्य लोग ही होते हैं.

वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट प्रोफ़ेसर टॉम प्रोफ़ेसर ट्रिप बताते हैं कि कार्यक्षेत्र में ऐसी बाधाओं का सामना करना पड़ता है जब आप बदले की भावना से प्रेरित हो जाते हैं.

वो कहते हैं, 'यदि कोई आपके लक्ष्य तक पहुंचने में बाधा उत्पन्न करे, या फिर सार्वजनिक तौर पर अपमान करे या नियमों को तोड़े तो ऐसी भावनाएँ पैदा होती हैं.'

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लेकिन इन भावनाओं से प्रेरित होकर तोड़फोड करने, बचकाना हरकतें करने वालों में और स्मार्ट-इंटेलिजेंट तरीके से बदला लेने वाली कर्मचारियों ख़ासा अंतर होता है.

नौकरी से किसे नहीं प्यार?

ये आम बात है कि यदि कोई मीटिंग के दौरान आपकी ऐसी-तैसी कर दे, तो आपका इरादा ब्रेक के दौरान उसे भला-बुरा करने या फिर सहकर्मियों के बीच उसकी आलोचना करने का होगा.

ऐसा नहीं कि आप उसकी कार या लैपटॉप को तोड़ने की कोशिश करेंगें.

प्रोफ़ेसर ट्रिप कहते हैं, "लोग ज़्यादातर अनुपात के मुताबिक ही बदला लेते हैं." अगर दूसरे नज़रिए से देखें, लोगों को अपनी नौकरी प्यारी होती है.

वो कहते हैं, "कार्य क्षेत्र में ज्यादातर हिंसा बदले के लिए नहीं होती और ज्यादातर बदला लेने वाली हरकत हिंसक नहीं होती." आंकड़े इसकी तस्दीक भी करते हैं.

अमरीकी श्रम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 1997 से 2010 के बीच कार्यक्षेत्र में हुई हत्याओं में 10 फीसदी मामले ऐसे हैं जिसमें कर्मचारी की हत्या उसके पुराने या फिर मौजूदा सहयोगी ने की थी.

ब्रिटेन के 2012-13 के क्राइम सर्वे के मुताबिक इंग्लैंड और वेल्स में दफ़्तर में होने वाली हिंसा में करीब 60 फ़ीसदी हिंसा अजनबी लोगों ने की थी.

बॉस का नाम डेटिंग साइट पर डाला

डेरेन अपना सरनेम नहीं बताना चाहते.

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जब 2008 में उनके बॉस ने उनके साथ अपमानजनक रवैया अपनाना शुरु किया तो उन्होंने इसका बदला लेने की ठान ली.

उन्होंने बॉस की बुरी सी तस्वीर और तेज़-तरार प्रोफ़ाइल के साथ उनका नाम डेटिंग साइट पर रजिस्टर कर दिया.

उसका लिंक भी उन्होंने दफ़्तर के कई साथियों को भेज दिया.

बॉस दफ़्तर में सहकर्मियों से अपने ईमेल बॉक्स में आने वाले अजीब मेल के बारे में चर्चा करते पाए गए.

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डेरेन बताते हैं, "हालांकि ये कायराना हरकत थी, पर शुरू में ऐसा करना अच्छा लगा."

डेरेन अब ई-कॉमर्स कंपनी में एकाउंट मैनेजर हैं और कहते हैं, "अब ये सही नहीं लगता. पीछे देखने पर यह बचकाना हरकत लगती है.''

प्रोफ़ेसर ट्रिप कहते हैं, "बदला लेना तभी संतुष्टि देता है जब आप देखें कि ठेस पहुंचाने वाले शख्स को सबक मिल गया." शोध के आधार पर वो कहते हैं - 'नहीं तो लगता ही नहीं कि न्याय हो पाया.'

सावधान - काम की दुनिया छोटी है

न्यूयार्क में मिलो शापिरो अमरीकी सरकारी एजेंसी में काम करते थे. उनके एक कर्मचारी ने परफॉर्मेंस रिव्यू खराब होने पर नाराज़ होकर अपने लिखे सारे कंप्यूटर प्रोग्राम करप्ट कर दिए.

शापिरो बताते हैं, "ये हरकत उस कर्मचारी के कंपनी से जाने के कई महीने बाद तक पता ही नहीं चली और इसके बाद जब भी उस व्यक्ति का नाम लिया जाता तो पहले लोग गाली निकालते और फिर उसकी बात करते."

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इंटरनेशनल नियोक्ता एजेंसी रैंडस्टैड के स्टीव शेपहर्ड मानते हैं कि बदला लेने के लिए पूरी कंपनी को निशाना का गहरा प्रभाव पड़ता है.

शेपहर्ड कहते हैं, "काम की ये दुनिया बहुत छोटी है और आपको अपने करियर पर पड़ने वाले दीर्घकालीन प्रभाव के बारे में सोचना चाहिए."

आप क्या करेंगे अगर दूसरी कंपनी में नौकरी से पहले आपसे रिफरेंस मांगा जाएगा? या फिर, आपका कोई सहकर्मी आपके बदले की हरकत को सोशल मीडिया पर ज़ाहिर कर दे.

स्मार्ट लोग क्या करते हैं?

शेपहर्ड का मानना है कि समझदार और स्मार्ट लोग अगर कंपनी या सहकर्मी से बदला लेना चाहें तो फिर उसे अपने काम से दिखाते हैं.

शेपहर्ड उस सेल्समैन की कहानी सुनाते हैं जिसकी कंपनी ने उससे बुरा बर्ताव करते हुए नौकरी से निकाल दिया. लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान वो सेल्समैन अपने बॉस और कंपनी के प्रति विनम्र रहा.

लेकिन जैसे ही उसका कॉन्ट्रेक्ट ख़त्म हुआ, वैसे ही उसने अपनी पुरानी कंपनी के कई क्लाइंट को अपनी नई कंपनी की ओर आकर्षित कर लिया.

वैसे भी, पुरानी कहावत है - 'सफल होना और अच्छे से जीना ही कई बार बेहतरीन बदला होता है.'

अंग्रेज़ी में मूल लेख यहाँ पढ़ें, जो बीबीसी कैपिटल पर उपलब्ध है.

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