किसने की थी जॉब्स को लीवर देने की पेशकश

टिम कुक इमेज कॉपीरइट AFP

ऐपल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक की किताब जारी होने वाली है जिसमें कुक द्वारा कंपनी के संस्थापक स्टीव जॉब्स को लीवर दान करने के ऑफ़र का ज़िक्र है.

'बिकमिंग स्टीव जॉब्स' नामक इस किताब के कुछ अंश ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए हैं.

किताब विश्व के सबसे शक्तिशाली प्रौद्योगिकी कंपनी बनने की होड़ में लगे ऐपल में ज़िंदगी पर प्रकाश डालती है. इसमें जॉब्स और कुक के बीच के संबंधो पर भी बात की गई है.

इमेज कॉपीरइट Getty

इस किताब के अनुसार 2004 में जॉब्स ने बताया कि वे पेट के कैंसर से जूझ रहे हैं. 2009 तक वे ऑफिस आने की हालत में नहीं थे और लीवर ट्रांसप्लांट का इंतज़ार कर रहे थे.

इस किताब के सह लेखक और फास्ट कंपनी के कार्यकारी संपादक रिक टेटज़ेली ने एक पोस्ट में बताया है कि कुक लगातार जॉब्स से उनके घर पर मिलने जाते थे. एक बार वे खुद का ब्लड टेस्ट करवा कर लौटे और बेहद परेशान हुए.

समान ब्लड ग्रुप

इमेज कॉपीरइट AFP

कुक ने पता लगाया कि जॉब्स और उनका ब्लड ग्रुप असाधारण है और उन्हें लगा कि यह समान भी हो सकता है.

किताब के अनुसार उन्होंने कुछ टेस्ट करवाए और पता किया कि लीवर के कुछ हिस्से का ट्रांसप्लांट करना संभव हो सकता है.

पर जब मृत्युशैय्या पर लेटे जॉब्स से इस बारे में उन्होंने बात की तो जॉब्स गुस्सा हो गए. उन्होंने कहा "नहीं, मैं तुम्हें कभी ऐसा करने नहीं दूंगा."

कुक के अुनसार जॉब्स के साथ बीते उनके 13 साल में जॉब्स उन पर तीन या चार बार ही ग़ुस्सा हुए थे. उसमें से यह एक वाकया था.

मार्च 2009 में उनका लीवर ट्रांसप्लांट हुआ था.

याहू को ख़रीदना चाहते थे

इमेज कॉपीरइट Reuters

किताब के अनुसार स्टीव जॉब्स सर्च इंजन याहू को ख़रीदना चाहते थे ताकि ऐपल भी सर्च के क्षेत्र में शिरकत कर सके.

जॉब्स ने अगस्त 2011 में ऐपल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद से इस्तीफा दे दिया और इसी वर्ष अक्तूबर में 56 साल की उम्र में उनका निधन हो गया.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार