राष्ट्रपति रूसेफ़ के ख़िलाफ़ लाखों सड़कों पर

  • 16 मार्च 2015
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राष्ट्रपति जिल्मा रूसेफ़ को पद हटाने की मांग करते हुए लाखों लोगों ने ब्राज़ील में विरोध प्रदर्शन किया है.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति को तेल कंपनी पेट्रोब्रास में हुए कथित भ्रष्टाचार के बारे में ज़रूर पता रहा होगा.

विपक्षी दलों का आरोप है कि इस सरकारी तेल कंपनी में सबसे ज़्यादा भ्रष्टाचार उस समय हुआ जब रूसेफ़ कंपनी की प्रमुख थीं.

राष्ट्रपति ने भ्रष्टाचार में अपनी किसी भी भूमिका से साफ़ इंकार कर दिया है. एटॉर्नी जनरल की जांच में भी उन्हें निर्दोष पाया गया था. कथित तौर पर घूस लेने वाले ज्यादातर राजनेता सत्ताधारी गठबंधन से हैं.

वेनेज़ुएला की राह पर?

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प्रदर्शन में भाग लेने वाले एक आदमी का कहना था कि राष्ट्रपति जिल्मा रूसेफ़ शासन करने लायक नहीं हैं. उनके अनुसार अाम लोगों की समस्याएं बढ़ रही हैं, यही हाल रहा तो ब्राज़ील अगला वेनेज़ुएला बन जाएगा.

एक महिला का कहना था - 'यह प्रदर्शन अाम जनता ने किया है. लोग सड़कों पर उतरे हैं क्योंकि उन्हें हिंसा नहीं चाहिए, भ्रष्टाचार नहीं चाहिए, कुशासन नहीं चाहिए. वो एक नया ब्राज़ील चाहते हैं.' इन प्रदर्शनों के बाद सरकार ने वादा किया है कि वह भ्रष्टाचार ख़त्म करने के लिए ज़रूरी कदम उठाएगी.

नए क़दम उठाने ज़रूरी: मंत्री

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विधिमंत्री जोज़े एडुआर्डो कार्डोज़ो ने कहा, "ये प्रदर्शन लोकतंत्र को दिखाते हैं. ये प्रदर्शन शांतिपूर्वक और कानूनी तौर पर हुए. ये ब्राज़ील के लोगों के विचार हैं जो अपनी बात बिना किसी दबाव के रख सकते हैं, वो सरकार के समर्थन में हों या उसके ख़िलाफ़. लेकिन प्रदर्शन से ये भी साफ़ है कि भ्रष्टाचार से निपटने के लिए नए कदम उठाने की ज़रूरत है."

ये प्रदर्शन ब्राज़ील के 22 राज्यों और राजधानी ब्रासिलिया में हुए हैं. सबसे बड़े प्रदर्शन विपक्ष के गढ़ साओ पाओलो में हुए, जहां करीब पांच लाख लोगों ने इनमें हिस्सा लिया.

कई प्रदर्शनकारी ब्राज़ील के झंडे लहरा रहे थे और उन्होंने राष्ट्रीय फ़ुटबॉल टीम की पीली जर्सी पहनी हुई थी. ये प्रदर्शनकारी भ्रष्टाचार और वर्कर्स पार्टी की सरकार के विरोध में नारे लगा रहे थे.

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साओ पाओलो में मौजूद बीबीसी संवाददाता गैरी डफ़ी के मुताबिक़, विपक्षी दलों ने इन प्रदर्शनों का समर्थन किया है. लेकिन उन्होंने राष्ट्रपति को हटाए जाने के बारे में खुलकर कुछ नहीं कहा है. राजधानी ब्रासिलिया में कांग्रेस की इमारत के बाहर क़रीब 40,000 लोगों के प्रदर्शन करने की खबर मिली है.

समर्थन में भी रैली

पुलिस के मुताबिक़, रियो डी जेनेरो में 25,000 प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए. अक्टूबर के चुनाव में रुसेफ़ को रियो डी जेनेरो से 55 प्रतिशत वोट मिले थे. शुक्रवार को राष्ट्रपति के समर्थन में भी लाखों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे. उनके समर्थकों का कहना है कि चुनाव के महज़ पांच महीने बाद राष्ट्रपति को हटाने की मांग सत्ता हथियाने की कोशिश है.

वर्कर्स पार्टी ने जनवरी 2003 मे सत्ता संभाली थी और लुइज़ एनासियो लूला डा सिल्वा राष्ट्रपति बने थे.

बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट ने 54 लोगों के ख़िलाफ़ कथित भ्रष्टाचार मामले में जांच की इजाज़त दे दी थी. सभी लोगों ने भष्ट्राचार के आरोपों से इनकार किया है.

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