इसराइल में नेतन्याहू चौथी बार बनेंगे प्रधानमंत्री

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इसराइल में प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की लिकुद पार्टी ने ज़ायोनिस्ट यूनियन को हराकर आम चुनाव जीत लिया है.

लिकुद पार्टी को 30 सीटें और 23 प्रतिशत वोट मिला है. नेतन्याहू चौथी बार मुल्क के प्रधानमंत्री बनेंगे.

वामपंथी ज़ायोनेस्ट यूनियन को 24 सीटें और कुल 19 प्रतिशत वोट मिले. इसराइली संसद नैसेट में कुल 120 सीटें हैं.

नेतन्याहू का दल अब दक्षिणपंथी विचारधारा के दूसरे दलों के साथ मिलकर सरकार बनाएगा.

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लिकुद ने इसराइल की सुरक्षा और स्वतंत्र फ़लस्तीन देश की स्थापना न होने देने के मुद्दों पर चुनाव लड़ा था.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस परिणाम से अमरीका को निराशा होगी क्योंकि वो नेतन्याहू को वहां शांति में बाधा के तौर पर देखता है.

बीबीसी मध्यपूर्व संवाददादा जेरेमी बोवेन के अनुसार, एक्ज़िट पोल एक बार फ़िर ग़लत साबित हुआ. पिछले कुछ दिनों के चुनाव प्रचार में नेतान्याहू ने दिखाया कि वो अपराजेय राजनेता हैं.

प्रधानमंत्री ने हेरजॉग की ज़ायनेस्ट यूनियन पार्टी के बरक्स, पहले अंतर को कम किया और फिर बराबरी करते हुए अति राष्ट्रवादी इसराइली दक्षिणपंथ की ओर इसे मोड़ दिया.

तनाव बढ़ेगा?

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उन्होंने प्रचार के दौरान कई बार चेतावनी जारी की कि यदि वो हारते हैं तो इसरायल के लिए इसके परिणाम बुरे होंगे, क्योंकि अरब मूल के इसरायली नागरिक वोट करने जा रहे हैं इसलिए लोगों को बाहर निकलना होगा.

उन्होंने कई ऐसे वादे किए कि अगर वो प्रधानमंत्री बनते हैं तो अमरीका और यूरोप के साथ इसरायल के संबंध और ख़राब होंगे.

उन्होंने कब्जे वाले क्षेत्र में हज़ारों नए घर बनाने का वादा किया है और कहा है कि वो कभी भी फ़लस्तीन को राष्ट्र नहीं बनने देंगे.

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