आप किस दर से टैक्स देना चाहेंगे- 30 या 3%

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माली में इस वक्त आयकर की दो दरें हैं- 30% या 3%. अंतर काफ़ी ज़्यादा है न.

इसलिए जब मैं बमाको में स्थानीय टैक्स ऑफ़िस में अपने टैक्स के बारे में पता करनी गईं तो वह यह देखकर अचरज में पड़ गईं कि उन्हें कर की दर के चुनने को कहा गया.

पढ़िए पूरी कहानी

कंक्रीट की पीली इमारत के बाहर एक आदमी अपनी भेड़ को रेलिंग से बांध रहा था. यह कोई अजीब बात नहीं है. शायद उसने अभी-अभी यह जानवर ख़रीदा हो और सोचा हो कि घर जाते हुए रास्ते में टैक्स ऑफ़िस में जल्दी से काम निपटा लूं.

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अंदर अल्यूमिनियन के फ्रेम में लगे मोटे शीशे के पीछे एक पंक्ति में कैशियर बैठी हुई हैं. सभी ने काउंटर पर एक हैंडबैग रखा हुआ है, जो अलग-अलग रंग के हैं.

अपनी गरीबी और समस्याओं के बावजूद माली आपको आकस्मिक ख़ूबसूरती के ऐसे नज़ारों से अक्सर चौंका देता है.

लेकिन कैशियरों की आंखें आलस भरी और भावशून्य लगती हैं. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का मानना है कि माली का राजस्व 20% तक बढ़ने की संभावना है लेकिन यहां इसकी उम्मीद नज़र नहीं आती.

मेरा अभियान खुद को एक करदाता के रूप में दर्ज करवाना है और इसके लिए मैं पीछे की तरफ़ कैशियर- श्रीमती यात्तारा के डिब्बेनुमा ऑफ़िस में पहुंच जाती हूं.

इसमें उनके साथ तीन और कर्चमारी बैठती हैं. सबके हैंडबैग उनकी डेस्क पर हैं, जिस पर एक कंप्यूटर भी है. इससे टैक्स डिक्लेरेशन फॉर्म का प्रो-फार्मा प्रिंट किया जाता है.

लेकिन इसके साथ ही सारे आंकड़े अभ्यास पुस्तिकाओं के ढेर में कॉपी भी किया जाता है- कुछ लाल में, कुछ नीले में.

कितना टैक्स देना चाहेंगी आप

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मैं यात्तारा से पहली बार तब मिली थी जब वार्षिक कर के लिए जनगणना की जा रही थी. तब यहां के सारे कर्मचारी हाथों में क्लिपबोर्ड लिए ऑफ़िस से बाहर निकल जाते हैं और आस-पास के इलाकों में और करदाताओं को ढूंढते हैं.

इस साल एक सॉफ़्ट ड्रिंक बेचने वाले पर 80,000 सीएफ़ए फ्रैंक्स (10,000 रुपए से ज़्यादा) पर कर लगाया गया और जब उसने इसे देने में आनाकानी की तो उसकी दुकान बंद कर दी गई- दूसरों को सबक देने के लिए.

एक हफ़्ते बाद उसने आधा पैसा देने का प्रस्ताव रखा और इसके साथ ही टैक्स कर्मचारियों के लिए ऑरेंज स्कवैश की कुछ क्रेट भी. बस समस्या ख़त्म.

यात्तारा मुझे अपने बॉस, कांटे, के पास ले गईं. उनके पास पूरा ऑफ़िस था. उनकी डेस्क पर कराधान नियमों की किताबों और वित्त मंत्रालयों के आदेशों के चट्टे लगे हुए थे.

उन्होंने मुझसे बतौर फ़्रीलॉंस पत्रकार के रूप में मेरे खर्चों के बारे में मुझसे सवाल पूछे. वह कुछ लिख रहे थे, जिसे मैं देख नहीं सकती थी, इसलिए यह थोड़ा डरावना था.

फिर उन्होंने कहा, "आपके पास दो आयकर देने के विकल्प हैं 30% या 3%. आप कौन सा चुनना चाहेंगी."

मैंने हिम्मत जुटाकर कहा, "तो ठीक है.... 3%?"

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फिर उन्होंने कहा, "तीन प्रतिशत हो गया. अब हमें चलकर मेरे बॉस से मिलना होगा."

इससे मुझे कोई दिक्कत नहीं हुई. माली में वरिष्ठता ही सब कुछ है. अपने रोज़मर्रा के कामों के सिलसिले में मैं माली के जल और विद्युत बोर्ड के साथ ही डाकघर के प्रबंध निदेशकों तक से मिल चुकी थी.

टैक्स का गणित

कान्टाको का कार्यालय विशाल था जिसकी तीनों दीवारों से कुर्सियां सटी हुई थीं. यह भी अजीब नहीं था क्योंकि माली में लोग वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने के लिए प्रतिनिधिमंडलों में जाते हैं.

उनके साथ बैठक तफ़सील से हुई. कमाल की बात यह है कि मुझसे उत्तरी मामली में दुआरेग विद्रोहियों की स्वशासन की मांग पर ब्रितानी सरकार के रुख के बारे में बताने की उम्मीद की गई.

मैंने विनम्रता से कहा, "ब्रिटेन तो सब शांति चाहता है." मेरी सारी ऊर्जा तो सिर्फ़ 3% इनकम टैक्स देने की ख़ुशी दबाने में लग रही थी.

"तो ठीक है", टैक्स अधिकारी ने कान्टाको को मेरे मामले पर जानकारी देने को कहा और फिर दोनों लोगों ने कैलकुलेटर पर हिसाब लगाकर 2.36,160 फ्रैंक्स (238,00 रुपये से ज़्यादा) की राशि निकाली.

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फिर कान्टाको ने कहा, "मुझे लगता है कि इसे राउंड फिगर कर देना ठीक रहेगा. और फिर क्योंकि पाउंड मजबूत है मेरे ख्याल से आपसे 3,00,000 फ्रैंक (30,400 रुपये से ज़्यादा) लेना सही रहेगा. "

"मेरा प्रस्ताव यह है. आपका क्या कहना है?"

"और हां हम चाहेंगे कि आप इसका नकद भुगतान करैं. वैसे आपको इसके बदले रसीद मिलेगी."

नीचे उतरते वक्त कान्टाको ने मुझे इस बारे में कुछ समझाया, "माली की 80 फ़ीसदी अर्थव्यवस्था अनाधिकारिक है. सरकार को लगता है कि 3% की दर से ज़्यादा लोग कर देंगे. लोगों को यह समझ नहीं आता कि जैसे ही चीजें जम जाती हैं हमें एक% या दो% बढ़ाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है."

रेलिंग से बंधी भेड़

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इस हिसाब से माली के कराधान विभाग ने मेरे साथ ठीक ही किया था. शायद इसलिए क्योंकि- आश्चर्यजनक रूप से- मैंने खुद ही टैक्स देना चाहा था. इसलिए टैक्स कर्मचारियों में भलमनसाहत की एक भावना आई और उन्होंने मुझे 3% के दायरे में रखा.

जब मैं वहां से बाहर निकली तो भेड़ लेकर आने वाला वह व्यक्ति भी निकाल लेकिन वह भेड़ को रेलिंग से बंधा छोड़कर जाने लगा.

"श्रीमान", मैं चिल्लाई, वह पलटा.

"आपकी भेड़?"

उसने अपना सिर हिलाया और ऐसे कहा जैसे यह स्थापित तथ्य हो, "नहीं-नहीं, मुझे यह उन्हें देनी थी."

और फिर वह चला गया.

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