पाकिस्तानः वीडियो जारी होने से टली फांसी ?

फंदा

पाकिस्तान में मौत की सज़ा पाए एक व्यक्ति के वीडियो को लेकर विवाद पैदा हो गया है. वीडियो सामने आने के बाद फांसी को टाल दिया गया.

सरकार का कहना है कि अभियुक्त की खराब सेहत के कारण ये फैसला किया गया है.

इसके साथ ही मुत्तहिदा क़ौमी मूवमेंट के नेतृत्व पर सनसनीखेज़ आरोप वाले वीडियो की जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

'जांच के आदेश'

पाकिस्तान के सौलत मिर्ज़ा को 15 साल पहले हत्या के मामले में मौत की सज़ा दी गई थी और उस पर गुरुवार को अमल होना था.

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Image caption कराची में पश्तूनों और एमक्यूएम समर्थकों के बीच हिंसक हमले होते रहे हैं.

इससे कुछ ही घंटे पहले जारी एक वीडियो में सौलत मिर्ज़ा को यह कहते दिखाया गया है कि जिन हत्याओं के लिए उन्हें सज़ा मिली है, वह एमक्यूएम नेतृत्व के कहने पर की गई थीं.

वीडियो में मिर्ज़ा ने यह भी कहा कि उन्हें कई और ऐसी बातें कहने का मौका दिया जाना चाहिए जो कराची में शांति कायम करने के लिए अहम हो सकती है.

बरसों से कराची टारगेट किलिंग और जातीय टकराव के चलते बदनाम रहा है, जिसमें एक तरफ़ पश्तून माने जाते हैं तो दूसरी तरफ एमक्यूएम समर्थक.

पाकिस्तान के गृह मंत्री निसार अली खान का कहना है कि फांसी की सज़ा को बलूचिस्तान सरकार की तरफ़ से मिली इस जानकारी के बाद टाला गया है कि मिर्ज़ा की तबियत ठीक नहीं है.

बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री ने इसकी पुष्टि की, लेकिन उनसे पूछा गया कि जेल के डॉक्टर ने फांसी से पहले सौलत मिर्ज़ा को सेहत मंद करार दिया था.

इस पर उन्होंने कहा, "वह (सौलत) रात को बेहोश थे, वैसे जब कोई मौत के नज़दीक होता है तो ऐसा हो सकता है. हमने इस बारे में केंद्र सरकार को सूचना दी थी, जो फ़ैसला हुआ वह राष्ट्रपति भवन से हुआ है."

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अधिकारियों का कहना है कि इस वीडियो की रिकॉर्डिंग जेल में नहीं हुई. तो फिर इसे कहां शूट किया गया, मुख्यमंत्री ने इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं.

हाल ही में मौत की सज़ा पर लगी रोक हटने के बाद से पाकिस्तान में पिछले तीन महीने में 39 लोगों को फांसी दी जा चुकी है.

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