ईरान परमाणु मुद्दे पर 'समझौता मुमकिन'

  • 21 मार्च 2015
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ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी का मानना है कि परमाणु मुद्दे पर चल रही बातचीत में जिस तरह की प्रगति हुई है उससे इस मामले में अंतिम समझौता हो जाने की उम्मीद है.

ईरान की सरकारी मीडिया ने रूहानी के हवाले से कहा है कि हालांकि अभी भी कुछ मतभेद बाक़ी है.

अमरीकी के विदेश मंत्री जॉन केरी ने भी कहा है कि बातचीत में काफ़ी प्रगति हुई है.

विश्व की छह बड़ी शक्तियां ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए उससे बातचीत कर रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी इसपर नज़र बनाए रखा है.

ईरान का इंकार

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ईरान पर आरोप लगता रहा है कि वह परमाणु बम बनाने की कोशिश कर रहा है. उससे यह कहा जा रहा है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम रोक दे.

तेहरान इससे इंकार करता रहा है. उसका कहना है कि परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है और उसका मकस़द परमाणु बम नहीं, बिजलीघर बनाना है.

सहमति के आसार

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रूहानी ने कहा, “इस दौर की बातचीत में ऐसे कई मुद्दे उभर कर सामने आए, जिन पर पहले मतभेद थे, पर अब सहमति बन गई है.”

ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि इन मुद्दों के आधार पर अंतिम समझौता हो सकता है.

परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर समझौते की अंतिम तारीख 31 मार्च तय की गई है.

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