यमन को लेकर सऊदी अरब हुआ सतर्क

  • 24 मार्च 2015
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Image caption हूती विद्रोही अब यमन के दक्षिण क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं.

यमन के दक्षिणी हिस्से में शिया हूती विद्रोहियों के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए देश के विदेश मंत्री ने अरब देशों से मदद की अपील की है.

विद्रोहियों ने पिछले महीने राष्ट्रपति अब्द्रब्बुह मंसूर हादी को सत्ता से बेदखल कर दिया था.

हादी देश के दक्षिणी हिस्से में स्थित शहर एडन चले गए थे जहां उन्होंने समानांतर सत्ता चलानी शुरू कर दी.

लेकिन कुछ ही दिन पहले हूती विद्रोहियों ने यमन के तीसरे सबसे बड़े शहर ताएज़ शहर पर कब्ज़ा कर लिया और एडन के और क़रीब पहुंच गए.

गृह युद्ध?

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Image caption इस सप्ताहांत में हूती विद्रोहियों ने ताइज़ पर कब्ज़ा जमा लिया. इससे शहर में विरोध भड़क उठा.

संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी की है कि यमन अब गृह युद्ध के कगार पर है.

राष्ट्रपति हादी के विदेश मंत्री रियाद यासिन ने सउदी अरब के अख़बार अशरक़-अल अवसत को बताया कि उन्होंने छह अरब राज्यों के संगठन गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल से अपील की है कि वे मामले में हस्तक्षेप करें.

हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि इस दख़ल के क्या मायने होंगे.

विदेश मंत्री ने ये भी बताया कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और गल्फ काउंसिल से कहा है कि रविवार को विद्रोहियों के विमानों ने एडन स्थित राष्ट्रपति आवास पर विमानों से हमला किया था इसलिए एक 'नो-फ्लाइ' क्षेत्र को भी लागू किया जाए.

सऊदी अरब सतर्क

हूती विद्रोहियों के बढ़ते प्रभाव से सउदी अरब सतर्क हो गया है. गल्फ काउंसिल का आरोप है कि शिया बहुल ईरान हूती विद्रोही के ज़रिए प्रॉक्सी वॉर छेड़ रहा है.

हालांकि हूती विद्रोहियों और ईरान दोनों ने ही इस बात से इनकार किया है.

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Image caption एडन शहर में राष्ट्रपति यमन को काफी समर्थन प्राप्त है.

इस बीच अमरीका के बाद ब्रिटेन ने भी यमन के लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए अपने विशेष सैन्य बलों को वहां से हटा लिया है.

साथ ही वहां इस्लामिक स्टेट की मौजूदगी से हालात और ख़राब होने का अंदेशा है.

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