ईरान-अमरीका परमाणु बातचीत निर्णायक दौर में

  • 29 मार्च 2015
बातचीत की मेज़ पर ईरान और अमरीका के प्रतिनिधि इमेज कॉपीरइट AP

परमाणु कार्यक्रम पर ईरान और अमरीका के बीच चल रही बातचीत निर्णायक मोड़ पर पंहुच चुकी है.

समझौते पर दस्तख़त करने की समय सीमा 31 मार्च है.

ईरान के विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने बातचीत में हुई प्रगति की पुष्टि करते हुए कहा कि सभी मुद्दों को सुलझाने की दिशा में ज़रूरी क़दम उठाए गए हैं. यह मुमकिन है कि समझौते के काग़ज़ात तैयार करने का काम शुरू कर दिया जाए.

'विवादित मुद्दे बचे हैं'

इमेज कॉपीरइट IRNA

दूसरी ओर, अमरीकी अधिकारियों ने कहा है कि इस पर सहमति बन गई है कि ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से समेटने के लिए समय दिया जाए और उसी के मुताबिक़ उस पर लगे प्रतिबंध भी धीरे धीरे हटाए जाएं.

इसके साथ ही अमरीकी अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि कुछ विवादित मुद्दों पर अभी भी अंतिम राय नहीं बन सकी है.

इमेज कॉपीरइट Reuters

ईरान पर यह आरोप लगता रहा है कि वह परमाणु हथियार बनाने की कोशिश में है. तेहरान इससे लगातार इंकार करते हुए यह कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है. उसका मक़सद परमाणु बम नहीं, बिजलीघर बनाना है.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थाई सदस्य और जर्मनी इस बातचीत मे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार