कहीं ये तस्वीर आपका दिल न तोड़ दे!

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सीरिया पिछले चार साल से गृहयुद्ध से जूझ रहा है. इसने बच्चों के मन में किस कदर खौफ पैदा किया है वो इस तस्वीर से ज़ाहिर है.

ये हुदिया है, सीरिया की एक सामान्य बच्ची. सीरिया में ऐसे एक नहीं अनगिनत बच्चे हैं जो युद्ध की त्रासदी सीधे तौर पर झेल रहे हैं.

तुर्की के फोटोग्राफर उस्मान सगिरली ने ये तस्वीर ली है.

गज़ा पट्टी की फोटोजर्नलिस्ट नादिया अबू शबान ने जब इसे बीते मंगलवार को ट्वीट किया तो ये वायरल होनी शुरू हुई.

इसे अब तक 11 हज़ार बार री-ट्वीट किया जा चुका है.

इसे देखकर लोग भावुक हो उठे और 'मैं रो पड़ी', 'विश्वास नहीं हो रहा', 'मनुष्यता हार गई' जैसी टिप्पणी की.

सहम गई बच्ची

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बीबीसी ट्रेंडिंग से बातचीत में सगिरली ने बताया कि ये तस्वीर सीरिया के आतेह शरणार्थी शिविर की है. इसे पिछले साल दिसंबर में लिया गया था.

सगिरली बताते हैं कि जैसे ही उन्होंने बच्ची की तस्वीर लेने के लिए कैमरा उठाया वो सहम गई.

वे कहते हैं, "उसे लगा कि ये बंदूक है और अब गोली चलेगी. वह डर गई. होंठ भींच लिए और हाथ उठा दिया."

हुदिया तुर्की की सीमा से 10 किमी दूर स्थित इस शरणार्थी शिविर में मां और दो भाई-बहनों के साथ रहती है. उसका घर यहां से 150 किमी दूर हमा में है.

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उस्मान बताते हैं, "सीरिया में विस्थापन के शिकार हुए हज़ारों लोगों ने शरणार्थी शिविरों में शरण ले रखी है. युद्ध का सीरिया के लोगों पर क्या असर है ये बड़ों से ज्यादा बच्चों की हालत से पता चलता है."

कुदरती आपदा

ये तस्वीर पहली बार जनवरी में तुर्की के अखबार में छपी थी. इस अखबार के लिए उस्मान ने 25 साल काम किए.

इस दौरान उन्होंने दुनिया भर में युद्ध और कुदरती आपदा से जूझ रहे देशों का दौरा किया.

सीरिया में विद्रोहियों और सरकार के बीच लड़ाई ने बच्चों की ज़िंदगी को मुहाल बना रखा है.

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संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों के मुताबिक सीरिया में संघर्ष के कारण पलायन करने वाले बच्चों की संख्या 10 लाख तक पहुँच गई है.

सीरिया में युद्ध की शुरुआत मार्च 2011 में हुई थी.

2011 में राष्ट्रपति असद के सत्ता संभालने के बाद से अब तक 17 लाख लोगों ने शरणार्थी के रूप में अपना नाम दर्ज कराया है.

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