पाकिस्तान में रेप के मामलों का सच

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पाकिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघनों और महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध का रिकॉर्ड ख़राब रहा है.

बलात्कार के कुल कितने मामले देश में दर्ज़ होते हैं इसके सटीक आंकड़े हासिल करना मुश्किल है.

अगर राजधानी इस्लामाबाद को देश की हालात का मापदंड माना जाए तो फिर हालत बेहद ख़राब है.

मामले 103, सज़ा एक में भी नहीं

संसद में पेश की गई जानकारी के मुताबिक बीते पाँच सालों में इस्लामाबाद में बलात्कार के 103 मामले दर्ज किए गए, लेकिन एक भी मामले में अभियुक्तों को सज़ा नहीं हुई.

Image caption डर के कारण बलात्कार की पीड़िताएं सामने आने से भी कतराती हैं.

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की सांसद सुग़रा इमाम ने संसद में 'औरत' फ़ाउंडेशन के जुटाए आँकड़ों का हवाला देते हुए बताया था कि 2012 में पाकिस्तान में सम्मान के लिए 432 महिलाओं की हत्या की गई. 2011 में यह संख्या 705 थी.

वहीं, पाकिस्तान के नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट सेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2008 से अब तक देश में बलात्कार के 10703 मामले दर्ज किए गए.

सबसे ज़्यादा बलात्कार के 8806 मामले पंजाब प्रांत में दर्ज किए गए. जबकि गिलगिट में 22, बलोचिस्तान में 86, इस्लामाबाद में 295, ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह और सिंध में 722 मामले दर्ज किए गए.

बलात्कार और महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध मामले में अभियुक्तों को सज़ा दिलाने के लिेए 2 मार्च को पाकिस्तान के उच्च सदन ने ऑनर किलिंग और बलात्कार के ख़िलाफ़ विधेयक पारित किए.

वहीं, पाकिस्तान की तुलना में भारत में होने वाले बलात्कार के मामलों को रिपोर्टिंग में ख़ासा उछाला गया है, ख़ासकर 2012 में दिल्ली में हुए चर्चित गैंगरेप के बाद से.

भारत पर तंज़

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Image caption पाकिस्तान में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराधों का रिकॉर्ड ख़राब रहा है.

इस साल 26 जनवरी को भारत के गणतंत्र दिवस के मौक़े पर पाकिस्तान में हैशटैग रेपपब्लिकडे ट्रेंड कर रहा था.

इस ट्रेंड में भारत में रेप के मामलों पर टिप्पणियां की जा रहीं थीं.

हालाँकि बीते दिनों में पाकिस्तान में भी होने वाले कुछ रेप के मामले भी मीडिया में चर्चित रहे.

लाहौर में एक नर्स की बलात्कार के बाद हत्या और कराची में एक डेढ़ साल की बच्ची की बलात्कार के बाद हत्या के मामले सुर्खियों में रहे.

छह अप्रैल को स्वाबी ज़िले में एक ट्रांस्जेंडर के अपहरण और गैंगरेप के मामला भी मीडिया में छाया रहा.

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