घर में जिम होना फ़िट होने की गारंटी है?

  • 15 अप्रैल 2015
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क्या घर के अंदर जिम बनाना आपका सपना है? एकांत में एक्सरसाइज करने की सुविधा क्या जिम आने जाने की मुश्किल को खत्म कर देगी? क्या घरेलू जिम होने से एक्सरसाइज़ नहीं करने के बहाने खत्म हो जाएंगे?

स्विटजरलैंड के फ्रेइनबाक में अपने नाम के ब्रैंडनैम पर पर्सनल ट्रेनिंग और जिम डिज़ाइन कंपनी चलाने वाले पास्कल बोलमान के मुताबिक घर में जिम होने से समय बचता है और प्राइवेसी बनी रहती है.

बोलमान कहते हैं, "एक्सरसाइज़ करने के लिए आपको आधे या फिर एक घंटे की जरूरत नहीं होती. कई बार आपके पास 10 और 15 मिनट का वक्त होता है. ये सुबह का वक्त हो सकता है या रात में खाने खाने से पहले का वक्त, जब आप वर्क आउट कर सकते हैं."

प्राइवेसी मिलती है

बोलमान आगे कहते हैं, "मेरे कई क्लाइंट अपने अपने कारोबार में जमे हुए हैं और हमेशा लोगों से घिरे रहते हैं. उन्हें घर पर ट्रेनिंग करने के दौरान प्राइवेसी महसूस होती है."

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लेकिन अगर आपने घरेलू जिम बनाने के लिए उपकरण खरीद लिए हैं तो क्या पूरा इस्तेमाल करते हैं? ये सवाल बेहद पुराना भले हो लेकिन इसकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है, इस सवाल के जवाब में ज्यादातर लोग नहीं कहते हैं. ये वैसे लोग हैं जो बेडरूम में रखे ट्रेडमिल का इस्तेमाल कोट टांगने के लिए करते हैं.

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हांगकांग, लंदन, मार्बेला और सिंगापुर में जिम संचालित करने वाली अल्टीमेट परर्फोमेंस ट्रेनिंग कंपनी के संस्थापक निक मिचेल कहते हैं, "घरेलू जिम के साथ लोग खूब जोर शोर से ट्रेनिंग शुरू करते हैं लेकिन ये चलता नहीं है. एक अच्छे जिम में आपको कई साथी मिलते हैं, आप दूसरों को वजन घटाते देखते हैं तो इससे आपका मनोबल भी बढ़ता है. हम लोग प्रकृति से ही आपसी प्रतिस्पर्धा वाले लोग हैं."

नार्थ अमरीकन सोसायटी फॉर द सायकोलॉजी ऑफ़ स्पोर्ट एंड फीजिकल एक्टिविटी की डॉ. कैथरीन सेबिस्टन के मुताबिक आप घर में कहां जिम स्थापित करते हैं, इसकी भूमिका आपके अभ्यास करने के लिहाज से बेहद अहम होती है.

कैथरीन कहती हैं, "ज़्यादातर समय में जिम घरों के बेसमेंट में बनाए जाते हैं, किसी के भी घर का ये सबसे कम आकर्षक कोना होता, जिसे लोग याद भी नहीं रखते. जहां सूर्य की रोशना पहुंच रही हो वहां जिम होना बेहतर होता है."

जिम कहां हो, इसका ख्याल रखें

आप इस मसले का बेहतर समाधान निकाल सकते हैं. बोलमान कहते हैं, "स्विटजरलैंड में किचन अब लीविंग एरिया से सटा होता है, जिम भी ऐसा ही होना चाहिए. हो सके तो मुख्य लीविंग एरिया में जिम बनाए. घरों में गेस्ट रूम भी होते हैं, लेकिन किसी घर में हर दिन गेस्ट नहीं आते, तो वहां भी इसे कर सकते हैं."

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जिम के लिए जगह, बजट और ट्रेनिंग के लक्ष्य से आप उपकरण खरीदते हैं लेकिन सबसे अहम बात को याद नहीं रखते.

कैथरीन बताती हैं, "लोग आम तौर पर पूछते हैं कि सबसे बेहतर एक्सरसाइज कौन सा होगा, इसका जवाब होता है जो आप आसानी से कर सकें." आपको जो एक्सरसाइज पसंद आए वही करना चाहिए.

कैथरीन आगे कहती हैं, "हम देखते हैं कि किस तरह से उपकरण महंगे कोट हैंगर बन जाते हैं."

ऐसे में कैथरीन सलाह देती हैं कि पहले जिम में जाकर वर्क आउट सेशन की आदत डालनी और ये देखना चाहिए कि आप किस पर आसानी से अभ्यास कर पाते हैं.

जिम में क्या क्या जरूरी

इतना ही नहीं, जिम के उपकरण खरीदने से पहले इसकी तुलना जिम ज्वाइन करने के शुल्क से भी कर लें. रिसर्च फर्म स्टेटिस्टिक्स ब्रेन के मुताबिक अमरीका में जिम में महीने भर की ट्रेनिंग के लिए करीब 58 डॉलर खर्च करने होते हैं.

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साल भर में 696 डॉलर और तीन साल के लिए 2,088 डॉलर चुकाने होंगे. इसके अलावा आपको आने जाने, जिम के कपड़ों और लॉकर रेंटल पर खर्च करने होते हैं. भारत में ये खर्च मासिक तौर पर 500-1000 रुपये के बीच बैठेगा.

बोलमान कहते हैं, "अहम बात ये भी है कि जिम में जैसे जैसे आप फ़िट होते जाएंगे, वैसे ही आपको अलग अलग एक्सरसाइज करने का मौका मिलता है."

अगर आप अपने घर में जिम बनाना चाहें तो आपको कई मशीन खरीदनी होगी. जिसमें रोइंग मशीन, ट्रेडमिल, स्टेशनरी बाइक इत्यादि शामिल हैं जिसकी कीमत 800 डॉलर से शुरू होकर 5000 डॉलर तक हो सकती है. भारतीय बाज़ार में ट्रेडमिल 35 हजार रुपये से लेकर 3.5 लाख रुपये के बीच में उपलब्ध है. अगर इसमें कूलर फैन, एचडी कोंसोल, एमपी 3 प्लेयर और हर्ट रेट डिसप्ले लगवाना हो तो ऊपर से खर्च करना होगा.

वैसे मोड़कर रखने वाले उपकरण सस्ता होता है और कम जगह घेरता है. लेकिन इसके नुकसान भी है. कैथरीन कहती हैं, "लाइटवेट और पोर्टेबल उपकरण बहुत मज़बूत नहीं होता है. इसलिए बेहतर यही है आप अपनी जेब के मुताबिक ही उपकरण खरीदें."

टिकाऊ उपकरण खरीदें

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इन उपकरणों को खरीदते वक्त लंबे समय की वारंटी देखें, ना कि 90 दिन की वारंटी वाले. ट्रेडमिल खरीदते वक्त इसका ख्याल रखें कि रनिंग डेक लंबा हो. 50 इंच के डेक पर आप तेज चल सकते हैं, दौड़ने के लिए 55 इंच का डेक होना चाहिए.

अगर आपके पास जगह नहीं और बजट नहीं हो तो ज्यादा बड़े उपकरण नहीं खरीदें. हर्ट रेट की दर को बढ़ाने के लिए और पूरे शरीर के वर्क आउट के लिए स्कीपइंग रोप और टीआरएक्स बैंड्स भी सस्ते विकल्प हो सकते हैं.

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टीआरएक्स बैंड्स, कैटल बेल्स और इंडुरेंस मशीन भी जिम के लिए उपयोगी है. बोलमान के मुताबिक लोअर बैक बेंच भी जिम में होना चाहिए. अगर आपके पास साइकिल हो तो आप ट्रेनिंग स्टैंड खरीद कर उसे इंडोर साइकिल का रूप दिया जात सकता है.

मिचेलके मुताबिक कम जगह में सस्ते बजट के साथ जिम बनाना हो तो बार बेल सेट, पावर रेक और एडजस्टेबल बेंच खरीदना चाहिए.

अगर कभी इस्तेमाल नहीं हो तो घर पर बना बेहतरीन जिम केवल पैसों की बर्बादी ही है.

सोच बदलना जरूरी

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कैथरीन बताती हैं, "घर पर जिम बनाने के दौरान लोग सबसे बड़ी गलती ये करते हैं कि दिन में अभ्यास करने का शिड्यूल ही नहीं बनाते. आपको कितने देर अभ्यास करेंगे, इसका शिड्यूल बनाना चाहिए और अपने घरवालों को भी इसकी जानकारी देनी चाहिए."

इसके अलावा आपको दूसरी परिस्थितियों के लिए भी तैयार रहना चाहिए. कैथरीन के मुताबिक अगर आप चोटिल हो गए हैं तो रिहेबिलेशन के एक्सरसाइज वाले उपकरण होने चाहिए.

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वर्क आउट के लिए योजना बनाने की जरूरत भी होती है. मिचेल कहती हैं, "आपको ये मालूम होना चाहिए कि आप क्या हासिल करना चाहते हैं. आपको एक रोड मैप की जरूरत होती है. लंबे समय के लक्ष्य को आपको छोटे छोटे लक्ष्यों में बदलना पड़ता है. बेहतर वर्क आउट यही है कि आप हमेशा पिछले वर्क आउट से थोड़ा ज्यादा करें."

कैथरीन सेबेस्टियम के मुताबिक आपको अपने वर्क आउट के दौरान लगातार खुद के लिए चुनौती पेश करते रहना होता है, नहीं तो दिलचस्पी खत्म होने का खतरा होता है. अपने प्रोग्रेस पर भी नजर रखनी चाहिए.

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अगर आप बेहतर नहीं कर पा रहे हों तो भी ट्रेनिंग छोड़ें नहीं.

कैथरीन सेबेस्टियन कहती हैं, "बेहतर परिणाम नहीं भी मिले तो आपको अपनी सोच का तरीका बदलना चाहिए. निगेटिव सोच की जगह खुद को प्रेरित करना चाहिए. इससे आप लंबे समय के दौरान अपने लक्ष्य को हासिल कर पाएंगे."

(अंग्रेज़ी में मूल लेख यहाँ पढ़ें, जो बीबीसी कैपिटल पर उपलब्ध है.)

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