चीनः वृद्धि दर छह साल में सबसे कम स्तर पर

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चीन के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक़ देश की आर्थिक वृद्धि दर छह सालों में सबसे कम स्तर पर पहुंच गई है.

इस साल की पहली तिमाही के दौरान चीन की अर्थव्यवस्था में सात फ़ीसदी सालाना दर से वृद्धि हुई है.

वर्ष 2009 की वैश्विक आर्थिक मंदी के बाद आर्थिक वृद्धि दर की यह सबसे धीमी रफ़्तार है.

हालांकि अब चीन की सरकार धीमी लेकिन लंबे समय तक कायम रहने वाली वृद्धि पर ज़ोर देती नज़र आ रही है.

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चीन के प्रधानमंत्री ने हाल ही में चीन की अर्थव्यवस्था में भरोसा जताते हुए कहा था कि इसमें सुधार की काफ़ी गुंजाइश है लेकिन देश को बड़ी मुश्किलों के लिए तैयार रहना चाहिए.

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन पर फैक्टरियों की ज़्यादा क्षमता, बड़ी मात्रा में स्थानीय कर्ज़ और प्रॉपर्टी बाजार में आई मंदी का असर पड़ा है.

विश्लेषकों ने कहा कि ताज़ा औद्योगिक उत्पादन आंकड़ों को लेकर भी चिंता बनी है जो मार्च में कम होकर 5.9 फ़ीसदी के स्तर पर पहुंच गया.

मीडिया की नज़र

चीन की सरकारी मीडिया आम लोगों को धीमी रफ़्तार वाली आर्थिक वृद्धि के लिए तैयार रहने की सलाह देती हुई नज़र आ रही है. 'न्यू नॉमर्ल' विकास दर की बात सबसे पहले चीनी राष्ट्रपति ने पिछले साल मई में की थी. ये अब मीडिया में काफ़ी प्रचलित हो गई है.

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सरकार ने वर्ष 2015 के लिए 7 फ़ीसदी वृद्धि का लक्ष्य तय किया है जो पिछले दो दशकों की दोहरे अंकों वाली आर्थिक वृद्धि के मुक़ाबले काफ़ी कम है.

चीनी मीडिया में उन नेताओं के बयानों को ज़्यादा प्रमुखता दी गई है जो कम वृद्धि दर की वक़ालत कर रहे हैं. चीनी मीडिया आर्थिक मंदी से जुड़ी ख़बरों को पेश करने में बेहद सतर्कता बरत रही है. मीडिया इस बार पर ज़ोर देती दिख रही है कि धीमी विकास दर से घरेलू अर्थव्यवस्था में सुधार होगा.

पहले के मुक़ाबले अब समाचार पत्र इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि वृद्धि के कम लक्ष्य से घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिति ठीक रहेगी.

चीन की अर्थव्यवस्था की मज़बूती पर पश्चिमी देशों की मीडिया द्वारा जताए जा रहे संदेहों को भी चीन की सरकारी मीडिया तुरंत ख़ारिज कर रही है.

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