इस 'वेलेंटाइन' से सबको प्यार हो गया था

  • 17 अप्रैल 2015
इमेज कॉपीरइट BBC CULTURE

1960 का दशक कई मायनों में ख़ास था. इसी दशक के 1969 में दुनिया भर में कई अनोखी चीज़ें हुई.

विकसित देशों की सड़कों पर मिनी कार दिखाई देनी लगी थीं, संपन्न घरों की लड़कियां मिनी स्कर्ट में घूमने फिरने के लिए निकलने लगी थीं.

इसी साल नील आर्मस्ट्रॉंग ने चंद्रमा की सतह पर अपने क़दम रखे थे.

इसी साल आया था वेलेंटाइन भी. वेलेंटाइन यानी ओलिवेटी वेलेंटाइन टाइपराइटर.

35-34-12 सेंटीमीटर के आकार वाले टाइपराइटर का वज़न था महज़ छह किलोग्राम.

लाइट, ब्राइट, कलरफुल और इस्तेमाल में बेहद सहज इस टाइपराइटर ने टाइपराइटिंग की दुनिया को बदल कर रख दिया है.

क्या थी ख़ासियत?

इससे पहले टाइपिंग बेहद मुश्किल काम था, तब ये काम सेक्रेटरी महिलाओं का होता था, सिगार पीते हुए लेखक टाइपिंग करते थे या फिर विहस्की पीने वाले जर्नलिस्ट.

इमेज कॉपीरइट BBC CULTURE

लेकिन वेलेंटाइन टाइपराइटर ने टाइपिंग को सहज और आम लोगों के बीच लोकप्रिय बना दिया.

ये टाइपराइटर कई रंगों में उपलब्ध था. लाइम ग्रीन, सफेद, नीले या फिर लाल रंग.

प्लास्टिक की बॉडी वाला ये टाइपराइटर कहीं भी लाने, ले जाने में सहज था.

डिज़ाइन आयकन

टाइपराइटर आर्टिस्ट कैरी टाथोव इस टाइपराइटर की मदद से कलाकृतियां बनाती हैं.

उन्होंने कहा, "जब मैं बाहर निकल कर लोगों के बीच टाइपराइटर पर स्केच बनाती हूं तो बच्चे और युवा पूछने आते हैं कि ये कौन सी मशीन है."

इमेज कॉपीरइट BBC CULTURE
Image caption टाइपराइटर आर्टिस्ट कैरी टाथोव वेलेंटाइन के साथ स्केच बनाती हुईं.

लेकिन 1960 के दशक में ये टाइपराइटर पॉप म्यूज़िक की तरह दुनिया भर में मशूहर हुआ था. खास बात ये थी इसे बनाने वाली कंपनी ने इसे अनफैशनेबल प्रॉडक्ट के तौर पर महज़ ऑफिस के कामकाज के लिए बनाया था.

लेकिन ओलवेटी के वेलेंटाइन मॉडल डिज़ाइन आयकन की तौर पर स्थापित हो गया.

अंग्रेज़ी में मूल लेख यहां पढ़ें, जो बीबीसी कल्चर पर उपलब्ध है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार