पाक: महिला मानवाधिकार कार्यकर्ता का क़त्ल

  • 25 अप्रैल 2015
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पाकिस्तान की जानी मानी मानवाधिकार कार्यकर्ता सबीन महमूद की कराची में गोली मार कर हत्या कर दी गई है.

38 साल की सबीन पर अज्ञात बंदूकधारियों ने हमला किया जब वे बलूचिस्तान में अपहरण और कथित उत्पीड़न पर आयोजित एक सेमिनार का संचालन करके अपनी मां के साथ घर लौट रहीं थीं.

इस सेमीनार में मौजूद थे बीबीसी संवाददाता वुसलउल्ला खान भी. उन्होंने बताया कि ये सेमीनार पहले लाहौर में होना था लेकिन दबाव की वजह से सबीन ने बाद में इसे कराची में करवाया.

सबीन एक बुक स्टोर, द सैकंड फ्लोर की निदेशक थीं. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक ये स्टोर कराची में उन चंद जगहों में से एक था जहां मानवाधिकार के मुद्दों पर नियमित तौर पर विचार विमर्श आयोजित किए जाते थे, और छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता एक साथ मिल कर उन चुनौतियों और मसलों पर बहस मुबाहिसा करते थे जिनका सामना आज पाकिस्तान कर रहा है.

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सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने साबीन की हत्या की निंदा की.

पत्रकार रज़ा रूमी ने लिखा है कि सबीन की बर्बरतापूर्ण हत्या एक व्यक्ति की हत्या नहीं है. ये ऐसे आवाज़ों को खामोश करने की कोशिश है जो समाज के मुद्दों पर आवाज़ उठाती हैं.

वहीं फ़ातिमा भुट्टो ने सबीन को याद करते हुए ट्विटर पर लिखा है- मैं इस देश को लेकर नाउम्मीद थी लेकिन फिर मैने लोगों से मिलना शुरु किया और हमें एक दूसरे से मानो शक्ति मिलने लगी.

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