तबाह हो गई नेपाल की सांस्कृतिक राजधानी

नेपाल, भक्तपुर तबाही

नेपाल की सांस्कृतिक राजधानी माने जाने वाले भक्तपुर में भूकंप से चारों तरफ़ तबाही का नज़ारा है.

भक्तपुर नगरपालिका की सरकारी वेबसाइट के अनुसार यह नेपाल की सांस्कृतिक राजधानी मानी जाती है.

भक्तपुर (जिसे स्थानीय भाषा में ख्वोपा कहा जाता है) में हस्तशिल्प की पीढ़ियों पुरानी परंपरा है. इससे इस ऐतिहासिक शहर के पास समृद्ध नेवाड़ी विरासत बनी है.

भूकंप से पहले इसके आस-पास खड़े होने पर ऐसा लग सकता था कि आप सुदूर इतिहास में पहुंच गए हैं. लेकिन अब यह सब तबाह हो गया है.

इसकी ऐतिहासिक विरासत के चलते ही यूनेस्को ने इस वजह को 1978 में वर्ल्ड हैरिटेज साइट का दर्जा दिया था.

भक्तपुर की जड़ें आठवीं शताब्दी तक जाती हैं. यह प्राचीन शहर महान मल्ल राजशाही की राजधानी (12वीं से 15वीं शताब्दी) था.

हालांकि इसे इसकी मौजूदा (भूकंप से पहले की) शक्ल 18वीं शताब्दी में मिली थी. तब मल्ल राजाओं ने यहा के ज़्यादातर स्मारक तैयार बनवाए थे.

समुद्रतल से 1401 मीटर की ऊंचाई पर करीब सात वर्ग किलोमीटर में फैले भक्तपुर में 80,000 से ज़्यादा लोग रहते थे.

लोगों का मुख्य काम खेती था, जिसके अलावा हस्तशिल्प, व्यापार और अन्य काम भी किए जाते थे.

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