घायल हुआ हिमालय, ख़तरे में पड़ी आबादी

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अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसी रेडक्रॉस का कहना है कि शनिवार को नेपाल में आए भूकंप का केंद्र रहे शहर और गांव लगभग पूरी तरह नष्ट हो गए हैं.

आकलन दलों के मुताबिक उन्हें वहां जो जीवित लोग मिले हैं उनकी हालत बहुत खराब है.

सरकारी आकड़ों के अनुसार 7.8 की तीव्रता वाले इस भूकंप में 6204 लोग मारे गए हैं और 13,932 घायल हुए हैं.

हेलिकॉप्टरों की कमी

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लेकिन दूर दराज़ के इलाकों में फंसे हज़ारों लोगों की हालत के बारे में अभी कुछ पता नहीं चल पाया है.

सरकार ने चेतावनी दी है कि मरने वालों की संख्या 10,000 से ज़्यादा हो सकती है.

हालांकि नेपाल और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के बचाव दल राजधानी काठमांडू और आसपास के इलाकों में राहत के काम में जुटे हैं लेकिन भूस्सखलन और खराब मौसम के कारण दूरदराज़ के ज़िलों तक राहत पहुंचाना मुश्किल हो गया है.

गृह मंत्रालय का कहना है कि सिंधुपलचोक, दोलखा, रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और गोरखा ज़िलों में राहत सामग्री लिए 20 हेलिकॉप्टर्स उतर चुके हैं.

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लेकिन संवाददाताओं का कहना है कि हेलिकॉप्टरों की कमी है. हालांकि उम्मीद है कि चीन कुछ और हेलिकॉप्टर भेजेगा लेकिन नेपाल ने और देशों से भी एयरक्राफ्ट भेजने की अपील की है.

गुरुवार को राजधानी काठमांडू में मलबे से एक 15 वर्षीय किशोर और एक युवती को सुरक्षित निकाला गया था.

काठमांडू के ऐतिहासिक दरबार चौक में सैनिक और स्वयंसेवक मानव शृंखला बना कर एक-एक ईंट करके मलबे को हटा रहे हैं.

ये ईंटे उन मंदिरों और ऐतिहासिक इमारतों की हैं जो भूकंप में गिर गई थी. अनेक इमारतें बहुत प्राचीन हैं. ईंटों को इकट्ठा किया जा रहा है ताकि इन इमारतों के पुनर्निर्माण में उनका फिर से इस्तोमाल किया जा सके.

बीबीसी संवाददाता संजॉय मजूमदार ने जो देखा

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सेनिकों के साथ स्वयंसेवक ही नहीं पर्यटक भी इस काम में जुटे हुए हैं. फ्रांस के एक पर्यटक ने मुझे बताया कि वो बस मदद करना चाहती हैं. लेकिन पूरी राहत कारवाई में एक तरह की अव्यवस्था है.

मैं चीन और फ्रांस से आई मेडिकल टीमों से मिला. थोड़ी देर वहां धूम कर, वे लोग वहां से चले गए. एक फ्रांसीसी बचाव कार्यकर्ता ने बताया- हमें नहीं मालूम कि हमें यहां क्या करना है.

दूरदराज़ के गांवों में मदद की ज़रूरत है लेकिन वे राजधानी में ही अटके हैं क्योंकि उन्हें ये बताने वाला कोई नहीं है कि उन्हें क्या करना है.

इस त्रासदी से निपटने के लिए सरकारी प्रयासों को लेकर जनता में नाराज़गी बढ़ती जा रही है और जगह जगह विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं.

भूकंप एक नज़र में

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  • लगभग 80 लाख नेपाली लोग प्रभावित
  • लगभग 35 लाख को खाद्य सामग्री की ज़रूरत
  • 600,000 घरों को क्षति पहुंची है, 70,000 बिल्कुल नष्ट हो गए हैं और 28 लाख लोग बेघर हो गए हैं
  • संयुक्त राष्ट्र ने तीन महीने के राहत कार्य के लिए 415 मिलियन डॉलर की मदद की अपील की थी. अब तक इसका 1.4 प्रतिशत इकट्ठा हो पाया है.

स्रोत-यूएन/नेपाल सरकार

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