नेपाल: एयरपोर्ट पर फंसी राहत सामग्री

  • 3 मई 2015
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संयुक्त राष्ट्र ने नेपाल सरकार से कस्टम के नियमों में ढिलाई देने की अपील की है जिसकी वजह से राहत सामग्री को मुल्क के भीतरी इलाक़ों में भेज पाने में देरी हो रही है.

इस बीच एक सप्ताह पहले भूकंप में मारे जाने वालों की तादाद बढ़कर सात हज़ार हो गई है.

आंतरिक मंत्रालय के एक प्रवक्ता लक्ष्मी प्रसाद ढकाल ने कहा है कि प्रभावितों में से अब किसी के बचे होने की उम्मीद कम है.

काफ़ी लोग अभी भी लापता है जबकि घायलों तादाद चौदह हज़ार बताई गई है.

नेपाल की ज़िम्मेदारी

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मदद में हो रही देर पर संयुक्त राष्ट्र की राहत के कामकाज की देखभाल करने वाली संस्था की प्रमुख बैरोनेस अमोस ने कहा है कि आपदा की स्थिति में राहत सामग्री के लिए कस्टम क्लियरेंस में तेज़ी लाना नेपाल की ज़िम्मेदारी है.

नेपाल का कहना है कि सभी सामग्रियों की जांच ज़रूरी है.

उसके एक अधिकारी ने कहा कि राहत सामग्रियों में बहुत सारे ऐसे सामान भी भेजे जा रहे हैं जो ग़ैर ज़रूरी है. उन्होंने इसके लिए मयोनीज़ का उदाहरण दिया जिसकी एक बड़ी खेप वहां पहुंच गई है.

भूंकप प्रभावित मुल्क के कई हिस्सों में राहत सामग्री अभी तक नहीं भेजी जा सकी है.

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