ट्रेकिंग गांव के 55 होटल तबाह, कई जिंदा दबे

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नेपाल का मशहूर ट्रेकिंग गांव लांगतांग इतनी बुरी तरह तबाह हुआ है कि आज वहाँ पर होटलों, गेस्ट हाऊस और ट्रेकर्स की जगह केवल मलबा और लाशें ही देखी जा सकती है.

एक घाटी के बीचोंबीच स्थित ये गांव नेपाली और विदेशी ट्रेकर्स का पसंदीदा था.

वहाँ पहुँचे बीबीसी संवाददाता जस्टिन रॉलैट ने पाया कि गांव के 55 होटल और गेस्ट हाऊस में से एक भी नहीं बचा है.

तबाही इतनी ख़तरनाक है कि केवल एक इमारत नज़र आती है, जैसे कि अन्य सभी इमारतों को किसी बड़े बुलडोज़र ने धरती में मिला दिया हो.

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वहाँ के 435 लोग रहते हैं. अब वहाँ एक ओर केवल 42 लाशे और दूसरी ओर विदेशियों की चार लाशे नज़र आती हैं.

आशंका है कि इस हादसे में 300 से ज़्यादा लोग मारे गए जिनमें से कई विदेशी पर्यटक थे.

क्या हुआ लांगतांग में?

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ट्रेकिंग के लिए मशहूर लंगतंग में 25 अप्रैल को जब भूकंप आया तो भारी भूस्खलन हुआ और उसके साथ ही हिमस्खलन भी होने लगा जिससे पूरा गांव चट्टान, मिट्टी, और ऊपर से गिरती पहाड़ियों के नीचे दब गया.

बचाव कर्मियों का कहना है कि शवों को ढूंढने में कई हफ़्ते का समय लग सकता है.

पूरे नेपाल में इस भूकंप की वजह से 7000 से ज़्यादा मौतें हो चुकी हैं. हज़ारों लोग अब भी लापता हैं.

विशेषज्ञों को कहना है कि इस नुकसान से उबरने में नेपाल को कई साल लग सकते हैं.

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