सीरिया के भीतर मक़बरे पर पहुँचे तुर्की के पीएम

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Image caption फ़रवरी में तुर्की की सेना एक गुप्त अभियान में मक़बरे को अपनी सीमा के नज़दीक ले आई थी.

तुर्की के प्रधानमंत्री अहमत दावूताउलू कुछ देर के लिए सीरिया के भीतर तुर्क साम्राज्य के संस्थापक के दादा के ऐतिहासिक मक़बरे पर पहुँचे.

फ़रवरी में तुर्की की सेना एक गुप्त अभियान में सुलेमान शाह के मक़बरों को तुर्की की सीमा के नज़दीक ले आई थी ताक़ि इस्लामिक स्टेट के लड़ाके इसे नुक़सान ना पहुँचा सकें.

सीरिया ने इस कार्रवाई को आक्रामक कहा था.

दावूताउली की यह यात्रा तेरहवीं शताब्दी के इस मक़बरे पर किसी शीर्ष तुर्क नेता की पहली इस तरह की यात्रा है.

1178 से 1236 तक जीवित रहे सुलेमान शाह तुर्क साम्राज्य के संस्थापक ओसमान प्रथम के दादा थे.

अब यह मक़बरा तुर्की-सीरिया की सीमा से कुछ सौ मीटर दूर एलप्पो प्रांत में है.

असल में यह सीरिया के काफ़ी भीतर था और यह 1921 के समझौते के तहत तुर्की की विदेश में एकमात्र भूमि है.

तुर्की की सेना के मुताबिक मक़बरों को स्थानांतरण के दौरान हुए एक हादसे में एक सैनिक की मौत हो गई थी.

प्रधानमंत्री दावूताउलू सैन्य वाहनों के काफ़िले और हेलिकॉप्टरों की निगरानी में रविवार को मक़बरे पर पहुँचे.

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सीरिया ने उनकी इस यात्रा की कड़ी आलोचना की है.

विद्रोहियों के इलाक़े में सीरियाई सेना

उत्तरी सीरिया से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक सरकारी सैन्यबल विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले इलाक़े में फँसे अपने सैनिकों को निकालने के लिए आगे बढ़ रहे हैं.

जिस्र अल शुग़ूर क़स्बा जब इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों के क़ब्ज़े में आया था तब क़रीब डेढ़ सौ सैनिक और उनके परिवारों ने शहर के बाहर एक अस्पताल में शरण ले ली थी.

वे वहाँ दो हफ़्तों से फँसे हैं और इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों का मुक़ाबला कर रहे हैं.

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