यमन में पूर्व राष्ट्रपति के घर पर हमले

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यमन की राजधानी सना में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने अपने हवाई हमलों में पूर्व राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह को घर को निशाना बनाया है.

हवाई हमलों के कारण उस इलाके से ज़ोरदार आवाजें सुनी गईं और धुआं उठता देखा गया.

हालांकि बताया जाता है कि जब ये हमला हुआ, उस समय सालेह घर में मौजूद नहीं थे.

इस बीच हूती विद्रोहियों का साथ दे रहे यमन के सैनिकों ने पांच दिन के संघर्षविराम की सऊदी अरब की पेशकश को मान लिया है.

उनके प्रवक्ता कर्नल शराफ़ लुक़मान ने कहा कि संघर्षविराम मंगलवार को शुरू होगा.

हालांकि यह साफ नहीं है कि क्या वह सभी विद्रोहियों के संदर्भ में बात कर रहे हैं या नहीं.

'हमले ग़ैर क़ानूनी'

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Image caption सालेह को व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद 2012 में सत्ता छोड़नी पड़ी थी

पूर्व राष्ट्रपति सालेह यमन के हूती विद्रोहियों का समर्थन कर रहे हैं जो यमन पर नियंत्रण के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

सऊदी अरब के नेतृत्व में खाड़ी देशों का गठबंधन राष्ट्रपति अब्द रब्बु मंसूर हादी की सरकार का समर्थन कर रहा है और इसीलिए हूती विद्रोहियों पर उसके हवाई हमले जारी हैं.

संयुक्त राष्ट्र ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन बताया है.

यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के दूत योहानेस फान डेर क्लाउ ने कहा है कि इन हमलों में बिना किसी पूर्व चेतावनी के आबादी वाले इलाकों को निशाना बनाया जा रहा है.

पनाह

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इन हमलों में अब तक 1,400 लोग मारे गए हैं जिनमें आधे से ज़्यादा आम लोग हैं.

यमन में संकट के कारण राष्ट्रपति हादी को मार्च के महीने में अपना देश छोड़ कर सऊदी अरब में पनाह लेनी पड़ी.

सुन्नी बहुल सऊदी अरब का आरोप है कि उसका शिया प्रतिद्वंद्वी ईरान हूती विद्रोहियों का समर्थन कर रहा है, जबकि ईरान इससे इनकार करता है.

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