रेप पीड़िता को पुलिस देगी 20 हज़ार पाउंड

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ब्रिटेन में हैम्पशर पुलिस बलात्कार की एक पीड़िता को हर्जाने के तौर पर 20 हज़ार पाउंड (क़रीब 20 लाख रुपये) देने को तैयार हो गई है.

पुलिस ने जांच के दौरान पीड़िता को ही गिरफ़्तार कर लिया था. साथ ही उन्होंने यह भी माना कि वो उसके केस की जांच सही से नहीं कर पाए थे.

बलात्कार की यह घटना 2012 की है और उस वक्त पीड़िता 17 साल की थी. पुलिस ने पीड़िता को चेतावनी भी दी थी कि झूठा मुकदमा दायर करने की वजह से उस पर केस चलाया जा सकता है, जिसके बाद उसने आत्महत्या करने की भी कोशिश की थी.

वहीं अभियुक्त को 2013 में दोषी पाते हुए पांच साल की जेल की सज़ा सुनाई गई थी. पुलिस का कहना था कि उनकी वजह से पीड़िता को शर्मसार होना पड़ा जिसके लिए वो माफी मांगते हैं.

जानने वाले ने किया बलात्कार

लौरा (बदला हुआ नाम) ने बताया कि वो एक पार्टी के बाद कुछ दोस्तों के साथ घर पर थीं, तभी वहां मौजूद एक व्यक्ति ने उनका बलात्कार किया.

उन्होंने इसकी जानकारी विनचेस्टर पुलिस को दी लेकिन उनकी मां जैकी (बदला हुआ नाम) का कहना था कि पुलिस का रवैया सही नहीं था.

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पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उन्हें लगता है कि उनकी टी-शर्ट पर कुछ फॉरेंसिक सबूत हैं जो अभियुक्त को सज़ा दिला सकते हैं.

इसके बावजूद पुलिस ने पूरी जांच नहीं की और वो अन्य सबूत भी नहीं ढूंढ पाई. जैकी के अनुसार बाद में पुलिस ने लौरा को 'जांच में व्यवधान' पहुंचाने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया.

चार माह बाद मानी ग़लती

पीड़िता की गिरफ़्तारी के चार माह बाद जांच अधिकारी उनसे मिले और कहा कि उन्हें पीड़िता की कहानी पर विश्वास है.

अधिकारियों ने लौरा से वो टी-शर्ट भी मांगी और सघन तरीके से उसकी जांच करवाई, जिसके बाद अभियुक्त को सज़ा मिल सकी.

बाद में लौरा ने मानवाधिकार कानून के तहत हैम्पशर पुलिस के ख़िलाफ मामला दर्ज कराया.

इसके बाद पुलिस ने कोर्ट के बाहर मामला निपटाते हुए इस मामले से जुड़े कई जांच अधिकारियों को चेतावनी दी.

कई अधिकारियों ने खुद ही रिटायरमेंट की मांग की या इस्तीफा दे दिया जिसे स्वीकार कर लिया गया.

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