फ़ीफ़ा के ख़िलाफ़ युएफ़ा ने चलाया अभियान:ब्लैटर

  • 31 मई 2015
सेप ब्लैटर इमेज कॉपीरइट AFP

एक बार फिर से फीफा के अध्यक्ष बने सेप ब्लैटर ने भ्रष्टाचार से जुड़े प्रकरण को ज़रूरत से ज़्यादा तूल दिए जाने पर मीडिया को आड़े हाथों लिया.

ब्लैटर ने यूरोप की फुटबॉल संस्था युएफा और उसके अध्यक्ष माइकल प्लैटिनी की उन्होंने सबसे ज़्यादा आलोचना की.

उन्होंने कहा कि जिस तरह से युएफा ने फीफा के ख़िलाफ अभियान चलाया वो बहुत ही गलत है.

फीफा के ख़िलाफ़ छेड़े अभियान को उन्होंने नफरत भरा अभियान बताया है.

उनका कहना था कि भ्रष्टाचार विरोधी वारंट के तहत फीफा अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद आए अमरीकी अभियोक्ताओं की टिप्पणियों से वे दंग थे.

आरोप

बुधवार को अमरीकी अभियोक्ताओं ने फीफा के 14 अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं.

इनमें से सात की गिरफ्तारी तड़के ज़्यूरिख के एक होटल से कर ली गई.

इन सभी पर साल 1991 से घूसखोरी, हवाला और धोखाधड़ी से करोड़ों डॉलर कमाने का आरोप लगाए गए हैं.

कतर को विश्वकप की मेजबानी देने के कारण फीफा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं.

79 वर्षीय ब्लैटर शुक्रवार को ज़्यूरिख में दोबारा से फीफा के अध्यक्ष पद के लिए चुने गए थे.

इस्तीफे की मांग

इमेज कॉपीरइट Getty
Image caption यूफ़ा के अध्यक्ष माइकल प्लैटिनी ने ब्लैटर से वोटिंग से पहले इस्तीफा देने को कहा था.

यूरोप की फ़ुटबॉल संस्था यूएफा के अध्यक्ष माइकल प्लैटिनी ने ब्लैटर से वोटिंग से पहले पद छोड़ने की अपील की थी.

ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने भी ब्लैटर के इस्तीफ़े की मांग का समर्थन किया था.

अध्यक्ष पद की दौड़ में जॉर्डन के प्रिंस अली बिन अल-हुसैन भी थे. हालांकि पहले राउंड में हुई वोटिंग का कोई नतीजा नहीं निकलने के बाद उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया था.

चुनाव जीतने के लिए कुल वोट के दो तिहाई वोट यानी 140 वोट मिलने ज़रूरी थे, जिसमें ब्लैटर केवल सात वोट से पीछे रह गए थे.

ब्लैटर को 133 वोट मिले थे जबकि प्रिंस अली बिन अल-हुसैन को 73 वोट मिले थे.

ब्लैटर अब तक चार बार फीफा के अध्यक्ष रह चुके हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए