रूस में नहीं घुस सकते पूर्व ब्रितानी डिप्टी पीएम

इमेज कॉपीरइट PA

रूस ने 89 यूरोपीय नेताओं, अधिकारियों और सैन्य नेतृत्व के देश में दाख़िले पर प्रतिबंध लगाया है और इस पर यूरोपीय संघ ने कड़ी प्रतिक्रिया जारी की है.

यूरोपीय संघ के मताबिक, ये माना जा रहा है कि लिस्ट में ब्रिटेन के पूर्व उप प्रधानमंत्री निक क्लेग और यूरोपीय परिषद के महासचिव ऊवे कॉरसेपियस के नाम भी शामिल हैं.

इस लिस्ट में जिन लोगों के नाम हैं उनमें से कई रूसी हुकूमत के कड़े आलोचक रहे हैं. और, इनमें से कुछ लोगों को हाल के दिनों में रूस में घुसने से मना कर दिया गया है.

आर्थिक प्रतिबंधों का जवाब

रूस के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा है कि ये पाबंदी रूस पर यूरोपीय संघ के आर्थिक प्रतिबंधों का नतीजा है.

इमेज कॉपीरइट Reuters

रूसी समाचार एजेंसी तास ने एक अधिकारी के हवाले से कहा है, “इस लिस्ट में जिन लोगों का नाम शामिल किया गया है वो यूरोपीय संघ के कई वो सदस्य देश हैं जिन्होंने रूस के ख़िलाफ़ आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर मुहिम चला रखी थी.”

हालांकि तास ने अधिकारी का नाम नहीं बताया है.

यूरोपीय संघ ने प्रतिबंध को ‘पूरी तरह से मनमाना और अनुचित’ बताया है और कहा है कि प्रतिबंध के लिए किसी तरह की वजह नहीं बताई गई है.

'आधार क्या है?'

संघ का कहना है कि लिस्ट के लिए राजदूतों को कई बार आग्रह करना पड़ा.

संघ के एक प्रवक्ता ने शनिवार को कहा, “ये फ़ैसले किन नियमों के तहत लिए गए, उनका क्या आधार था और उसके लिए किस तरह की प्रक्रिया अपनाई गई इस संबंध में हमारे पास कोई और जानकारी नहीं है.”

रूस के ख़िलाफ़ यूरोपीय संघ ने 2014 में यूक्रेन के क्राइमिया क्षेत्र पर क़ब्ज़ा के बाद आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे. इन्हें समय समय पर बढ़ाया जाता रहा है.

यूक्रेन में उसके बाद से सरकार समर्थित फ़ौज और रूस के पक्षधर विद्रोहियों के बीच लड़ाई जारी है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार