'पश्चिम के कुप्रचार' का जवाब ईरानी कॉमेडी'

  • 2 जून 2015
ईरान हॉलीवुड फ़िल्म विरोध इमेज कॉपीरइट AFP

ईरान के एक रूढ़िवादी फ़िल्मकार ने खुद ही उन पश्चिमी फ़िल्मों का जवाब देने का बीड़ा उठा लिया है जिन्हें ईरान-विरोधी या इस्लाम-विरोधी कहा जाता है.

वह एक ऐसी ईरानी फ़िल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं जिसे 'अमरीका-विरोधी और यहूदी-विरोधी' कहा जा रहा है और इससे ईरान के रूढ़िवादी मीडिया संस्थानों में भी उत्तेजना भर गई है और इसकी चर्चा की जा रही है.

'दि फ़ूलिश फ़िलॉस्फ़र' नाम की यह कॉमेडी फ़िल्म पश्चिमी दुनिया के जाने-माने नेताओं, जिहादियों, मीडिया टाइकून और हॉलीवुड एक्टरों के किरदारों पर आधारित है.

फ़िल्म के कुछ अनजान से निर्देशक साइद कारी ने पहले पश्चिम में बनने वाली इस्लाम-विरोधी फ़िल्मों की निंदा की थी. उन्होंने फ़्रांसीसी पत्रिका शार्ली एब्डो में पैंगबर मोहम्मद के कार्टून छापने की भी निंदा की थी.

बहु-आयामी कथानक

कारी की फ़िल्म वह ज़रिया लगती है जिसके ज़रिए वह अपने पश्चिमी प्रतिपक्षियों का मज़ाक उड़ाना चाहते हैं.

वह कहते हैं, "मुझे उम्मीद है कि मैं जो यह पहला कदम उठा रहा हूं इसके बाद ऐसी फिल्में बननी शुरू हो जाएंगी ताकि आज की पीढ़ी हॉलीवुड के ग्लैमर के कुप्रभाव में न आए और पैगंबर और देशों के बारे में उनके प्रचार में यकीन न करें."

निर्देशक के अनुसार फ़िल्म की कहानी 9/11 के हमले के बाद की घटनाओं से शुरू होती है और जिहादी गुट, इस्लामिक स्टेट के उभार के साथ ख़त्म होती है.

इस बहु-आयामी कथानक में कई विषयों को छुआ जाएगा. पश्चिम पर निशाना साधने के लिए फ़िल्म का एक लक्ष्य ईरान के विदेशों में बसे विद्रोही कलाकारों का मज़ाक बनाने के लिए भी किया जाएगा.

इनमें शामिल हैं ईरान की 'क्वीन ऑफ़ पॉप' 'गूगूश' और विवादित रैपर शाहीन नजफ़ी जिन्हें ईरान के कट्टरपंथियों ने 'धर्मत्यागी' करार दे दिया है.

लेकिन मुख्य कहानी मुख्यतः पश्चिमी नेताओं के इर्द-गिर्द ही घूमती है. कहानी पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान के साथ ईरान पर भी हमला करने के फ़ैसले पर केंद्रित है. हालांकि बाद में बुश का क़िरदार इस विचार को त्याग देता है और ईरान के साथ 'सॉफ़्ट वारफ़ेयर' पर पर ज़ोर देता है.

'सॉफ़्ट वारफ़ेयर' शब्द का इस्तेमाल अक्सर ईरानी सरकार पश्चिम के ख़िलाफ़ अपने प्रचार में करती है.

हॉलीवुड से पंगा

इस 'सिचुएशनल कॉमेडी' में उन पश्चिमी फ़िल्मों के 'बिहाइंड-द-सीन्स' का भी चित्रण है जिन्हें ईरान-विरोधी कहा जाता है.

ईरानी मीडिया संस्थानों की ख़बरों के अनुसार मेकअप से लेकर किरदारों के चयन तक फ़िल्म की योजना बहुत ध्यानपूर्वक बनाई गई है.

फ़िल्म का सबसे जाना-पहचाना नाम होंगे कॉमेडियन महमूद बासिरि, जिनकी शक्ल पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेज़ाद से इतनी मिलती थी कि उन पर प्रतिबंध लग गया था.

उन्हें जॉर्ज बुश का किरदार निबाहने के लिए चुना गया है.

इस फ़िल्म का निर्माण जल्द ही पूरा हो जाएगा और इसे अक्टूबर में तेहरान के रेज़िस्टेंस इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल में दिखाया जाएगा जो पश्चिम के ख़िलाफ़ 'सांस्कृतिक विरोध' को बढ़ावा देने को समर्पित है.

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