अमरीकाः नागरिकों की जासूसी का क़ानून ख़त्म

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अमरीका का वो आतंकवाद निरोधक क़ानून ख़त्म हो गया है जिसके तहत सरकारी एजेंसियां अमरीकी नागरिकों का फ़ोन टैप कर डाटा जान सकती थीं और उन पर निगरानी भी रख सकती थीं.

पेट्रियट एक्ट के नाम से चर्चित ये क़ानून अमरीकी सीनेट में सहमति नहीं बन पाने के कारण ख़त्म हो गया है.

आंतक विरोधी व्यवस्था से जुड़े इस क़ानून पर सहमति न बनने को व्हाइट हाउस ने 'भारी चूक' बताया है.

अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय ने बयान में कहा- "एक ऐसा मसला जो देश की सुरक्षा जितना ही नाज़ुक है, उस पर सभी सीनेटरों को अपने दलगत हितों से उपर उठ कर फौरन कार्रवाई करनी चाहिए थी."

फ़्रीडम बिल अगले सप्ताह

फोन से जुड़ी जानकारियों को जुटाने पर कड़ी निगरानी रखने वाले संशोधित अधिनियम, फ्रीडम बिल पर अब अगले सप्ताह के अंत तक ही मतदान संभव हो सकेगा.

यूएसए फ़्रीडम क़ानून पर कोई सहमति नहीं बनने से, सुरक्षा सेवाएं की फोन से जुड़ी जानकारियों को जुटाने से जुड़ा अधिकार फ़िलहाल अनुपलब्ध रहेगा.

देश में विभिन्न आतंकवाद-निरोधक कार्यक्रमों की देख-रेख करने वाली अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी या एनएसए ने पहले ही जानकारी जुटाने वाले सर्वरों को बंद करना शुरू कर दिया है.

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