सऊदी अरब: ब्लॉगर को 950 कोड़े और पड़ेंगे

  • 7 जून 2015
रैफ़ बदावी, सज़ा का विरोध इमेज कॉपीरइट AFP

सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट ने ब्लॉगर रैफ़ बदावी को सुनाई गई 10 साल की कैद और 1000 कोड़ों की सज़ा को बरक़रार रखा है.

उन्हे ये सज़ा 'इस्लाम के अपमान' के कारण सुनाई गई थी.

इस साल जनवरी में सज़ा के तहत उन्हें 50 कोड़े मारे जाने का वीडियो सामने आने पर दुनिया में कई जगह इसका विरोध हुआ था. इसके बाद सऊदी प्रशासन ने सज़ा को पुनर्विचार के लिए भेजा था.

उनकी पत्नी और मानवाधिकार संस्थाओं ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें पूरी सज़ा दी गई तो उनकी मौत हो सकती है.

नीतियों पर सवाल

इमेज कॉपीरइट Badawi Familly

सऊदी अरब ने 31 वर्षीय ब्लॉगर और एक्टिविस्ट रैफ़ बदावी ने 2008 में एक ऑनलाइन फ़ोरम- लिबरल सऊदी नेटवर्क- बनाया था.

इसमें वो सऊदी अरब की धार्मिक और राजनीतिक नीतियों पर आलोचनात्मक लेख लिखते थे और बहस कराते थे.

सऊदी अरब में राजनीतिक विरोध बर्दाश्त नहीं किया जाता और इस बारे में वहाँ कड़े क़ानून हैं.

सऊदी अरब ने सज़ा के ख़िलाफ़ हुए विरोध को अपने आंतरिक मामलो में दख़ल बताया था.

अब सुप्रीम कोर्ट का आदेश आ जाने के बाद उनके हितैशियों को केवल शाह सलमान से ही उम्मीद बाक़ी है

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार