नेपाल में ऐतिहासिक स्थल फिर खुले

kathmandu durbar square 1

नेपाल की राजधानी काठमांडू में ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटकों के लिए दोबारा खोल दिया गया है. इस साल अप्रैल में आए ज़ोरदार भूकंप के बाद इन्हें बंद कर दिया गया था.

इनमें काठमांडू का मशहूर दरबार स्क्वेयर भी शामिल है जो भूकंप में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ था.

यूनेस्को ने इन ऐतिहासिक स्थलों को दोबारा खोलने पर चिंता ज़ाहिर की है.

अप्रैल में आए भूकंप में नेपाल में करीब 8 हज़ार लोग मारे गए थे.

भूकंप के ठीक बाद यूनेस्को की डायरेक्टर-जनरल इरीना बोकोवा ने इमारतों को पहुंचे नुकसान को व्यापक बताया था.

'पर्यटकों को मार्गदर्शन'

चंद रोज़ पहले यूनेस्को ने एक बयान जारी कर पर्यटकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी थी. उसने ये भी उम्मीद जताई थी कि ऐतिहासिक स्थलों को दोबारा खोलने के निर्णय पर फिर से विचार करना चाहिए.

वहीं नेपाल सरकार की तरफ से पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा के इंतज़ाम करने और पर्यटकों को मार्गदर्शन देने की बात कही जा रही है.

सात संरक्षित ऐतिहासिक स्थलों में काठमांडू, पाटन और भक्तापुर के दरबार स्क्वेयर, स्वयंभूनाथ और बौधनाथ के बौद्ध स्तूप, पशुपतिनाथ और चांगू नारायण के हिंदू मंदिर शामिल हैं.

काठमांडू के पुराने शहर में दरबार स्क्वेयर में महल, कई प्रांगण और मंदिर मौजूद हैं. यूनेस्को ने इस जगह को नेपाल की राजधानी में सामाजिक, धार्मिक और नगरीय जीवन का केंद्र बताया है.

'चोरी का डर'

इमेज कॉपीरइट HARIDEVI ROKAYA

वहीं स्वयंभूनाथ मंदिर प्रांगण में बौद्ध मंदिरों की शिल्पकृतियों को सहेजने का काम जारी है. यूनेस्को को डर है कि इन प्राचीन दुर्लभ शिल्पकृतियों की चोरी हो सकती है.

भक्तापुर दरबार स्क्वेयर के मुख्य मंदिर की छत क्षतिग्रस्त हो गई थी, वहीं बलुआ पत्थर की दीवारों और सोने से मढ़े गुंबदों वाले पगौडा के लिए मशहूर 16 शताब्दी के वत्सला दुर्गा मंदिर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था. बख्तापुर के चंगू नारायण प्रागंण में भी पर्यटकों पर खास नज़र रखी जाएगी.

बागमति नदी के पास स्थित तीसरी शताब्दी में बने पाटन दरबार स्क्वेयर को भी पर्यटकों के लिए खोल दिया गया.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार