भारत ने उच्चायुक्त को वापस बुलाया

  • 27 जून 2015
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न्यूज़ीलैंड में भारत के उच्चायुक्त रवि थापर की पत्नी पर एक कर्मचारी से बदसलूकी के आरोप लगे हैं.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक पुलिस का कहना है कि भारतीय उच्चायोग के एक कर्मचारी ने उच्चायुक्त रवि थापर की पत्नी शर्मिला थापर पर कथित तौर पर मारपीट के आरोप लगाए हैं.

हालांकि उन्होंने औपचारिक शिकायत नहीं दी है और आगे कार्रवाई नहीं चाहते हैं.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि हाई कमिश्नर को वापस मुख्यालय बुला लिया गया है..

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Image caption विदेश मंत्रालय का कहना है कि मामले की जांच जारी है.

विदेश मंत्रालय ने कहा है, "ये मामला हमारी नज़र में मई 2015 में लाया गया था जब न्यूज़ीलैंड में उच्चायोग का कर्मचारी लापता हो गया. उच्चायोग ने न्यूज़ीलैंड पुलिस और विदेश मंत्रालय को जानकारी दी थी. न्यूज़ीलैंड के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित व्यक्ति न्यूज़ीलैंड पुलिस के सामने 11 मई 2015 को पेश हुआ था और उसने कुछ आरोप लगाए थे."

मंत्रालय का कहना है कि मामले की 'स्वतंत्र' जांच के लिए एक टीम न्यूज़ीलैंड भेजी गई थी.

बयान में आगे कहा गया है, "टीम ने उस व्यक्ति को भी भारत लौटने में मदद की जिन्होंने आरोप लगाए थे. वो 28 मई को वापस आ गए थे. उस व्यक्ति ने कोई शिकायत दर्ज नहीं की है लेकिन मंंत्रालय मामले की जाँच करेगा."

'माँ की देखभाल'

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इससे पहले एएफ़पी के मुताबिक रवि थापर ने इनकार किया है कि भारत लौटने के पीछे वजह मारपीट के कथित आरोप हैं.

एजेंसी के अनुसार रवि थापर ने कहा, "मैं अपनी माँ की देखभाल करने के लिए भारत लौट रहा हूँ क्योंकि पिछले साल मेरे पिता गुज़र गए थे. मैं सिर्फ़ उनसे फ़ोन पर बात करके 13 हज़ार किलोमीटर दूर नहीं रह सकता."

एजेंसी के मुताबिक उन्होंने कहा, "मेरी पत्नी अब भी एक कार दुर्घटना के प्रभावों से गुज़र रही हैं. उन्हें गर्दन सीधी रखने के लिए पट्टा पहनना पड़ता है, ऐेसे में वे किसी पर हमला कैसे कर सकती हैं?

उन्होंने फ़ेयरफ़ैक्स मीडिया से कहा, "ये सोचना बेहद बेतुका है कि एक पचास साल की महिला जो स्वास्थ्य समस्याओं से गुज़र रही है किसी 26 साल के सक्षम व्यक्ति पर हमला करेगी या इस बारे में सोचेगी भी."

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Image caption थापर का कहना है कि वो अपनी माँ की देखभाल के लिए स्वदेश लौट रहे हैं.

न्यूज़ीलैंड के अधिकारियों का कहना है कि रवि थापर के वापस जाने के संबंध में अधिक सवाल भारतीय विदेश मंत्रालय से पूछे जाने चाहिए.

'बंधुआ मज़दूर'

पीटीआई के मुताबिक भारतीय उच्चायोग का संबंधित कर्मचारी परेशान हालत में पैदल चलते हुए उच्चायोग से बीस किलोमीटर दूर चला गया था.

लोगों ने उसे परेशान देखकर पुलिस को बुलाया था.

संबंधित कर्मचारी की ओर से कथित तौर पर उन्हें बंधुआ बनाकर रखने के आरोप भी लगे हैं.

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