रॉ पाक का दुश्मन और हमारा भी: हुसैन

  • 30 जून 2015
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Image caption एमक़्यूएम प्रमुख अल्ताफ़ हुसैन लंदन में रहते हैं.

मुत्तहिदा क़ौमी मूवमेंट पार्टी के नेता अल्ताफ़ हुसैन ने कहा है कि वो शपथ लेकर ये कहते हैं कि उनकी पार्टी का भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ से कोई संबंध नहीं है.

सोमवार की शाम एमक्यूएम के गढ़ बताए जाने वाले लाल किला ग्राउंड, अज़ीज़ाबाद में टेलीफ़ोन के ज़रिए अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए अल्ताफ़ हुसैन ने कहा, "रॉ पाकिस्तान का दुश्मन है और जो पाकिस्तान का दुश्मन है एमक़्यूएम उसका दुश्मन है."

उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तानी फौज को कभी भारत से लड़ना पड़ा तो उनकी पार्टी के कार्यकर्ता भी फ़ौज के साथ लड़ने के लिए तैयार हैं.

उन्होंने कहा कि मुहाजिरों (भारत से गए मुसलमानों) के साथ पाकिस्तान के गठन के बाद से ही पूर्वाग्रह और शत्रुता का व्यवहार किया जाता रहा है.

उन्होंने कहा कि अगर हमारी रैंकों में असामाजिक तत्वों के शामिल होने की सूचना है तो हमें भरोसे में लिया जाए हम ख़ुद ही उन्हें निकाल देंगे.

मीडिया ट्रॉयल

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Image caption कराची में हिंसा की वारदातें आम सी बात है.

उन्होंने कहा कि एमक़्यूएम का मीडिया ट्रायल किया जा रहा है और उसे भारत और रॉ की एजेंट साबित करने की कोशिश की जा रही है.

उन्होंने कहा कि कराची में ऑपरेशन के नाम पर एमक़्यूएम को कुचलने की कोशिश की जा रही है.

धरने की चेतावनी

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी कार्रवाइयों के ख़िलाफ़ धरने का ऐलान करने पर भी विचार कर रही है.

अल्ताफ़ हुसैन ने ये भाषण ऐसे वक़्त दिया है जब उनकी पार्टी को पाकिस्तान में सुरक्षाबलों की कार्रवाइयों और ब्रिटेन में मनी लांडरिंग के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है.

बीबीसी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एमक़्यूएम के कुछ नेताओं ने ब्रितानी पुलिस की पूछताछ में भारत से मदद मिलने की बात कही थी.

भारत ने इन आरोपों से साफ़ इंकार किया है.

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