एक अखबार पर पाक सोशल मीडिया नाराज़

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पाकिस्तान के ट्विटर यूज़र अंग्रेज़ी दैनिक 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' में छपे एक लेख से गुस्से में है. उनका कहना है कि यह अखबार समलैंगिकता को बढ़ावा दे रहा है.

#BanSexpressTribune का कहना है कि समलैंगिकों के हकों पर लेख छापने से अखबार पाकिस्तान को शर्मसार कर रहा है.

'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' रूढ़िवादी पाकिस्तान में समलैंगिकों के हकों जैसे संवेदनशील मुद्दे पर लेखों को काफी जगह दे रहा है.

एक ट्विटर यूज़र "अरीशा मीर" ने ट्वीट किया है- "पूरे पाकिस्तान को इस अखबार के खिलाफ एक हो जाना चाहिए. ये अखबार अश्लीलता से ग्रसित है. इनके ब्लॉगर्स ' गे' हैं."

यूज़र "Ch Qamar Abbas™ ‏@Iam_Qamar" ने लिखा है कि इस्लाम में समलैंगिकता की इजाज़त नहीं है.

नफरत ना करें

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एक यूज़र ग़ज़वान ने लिखा कि 'सेक्सप्रेस ट्रिब्यून' न्यूयॉर्क टाइम्स का ही एक अंग है और उन सब बातों को बढ़ावा दे रहा है जो इस्लाम के खिलाफ हैं.

'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने अभिनेता हम्ज़ा अली अब्बासी की उस टिप्पणी को भी प्रकाशित किया था जिसमें हम्ज़ा ने समलैंगिक विवाहों को कानूनी करार देने वाले अमरीकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करने वाले पाकिस्तानियों की निंदा की थी.

इस पर अखबार ने 30 जून को एक ब्लॉग प्रकाशित किया जिसमें कहा गया था - "ज़रूरी नहीं कि आप समलैंगिक हों, ये भी ज़रूरी नहीं कि आप समलैंगिकता पर खुशी मनाएं लेकिन मेहरबानी करके समलैंगिकों से नफरत ना करें. "

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