मुल्ला उमर शांति वार्ता के हक़ में

  • 15 जुलाई 2015

अफ़ग़ान तालिबान के नेता मुल्ला उमर ने अफ़ग़ान सरकार के साथ जारी शांति वार्ता का समर्थन किया है.

ईद उल-फ़ितर के मौक़े पर मीडिया को भेजे गए एक बयान में उन्होंने बातचीत का सीधे पर तौर पर तो ज़िक्र नहीं किया है लेकिन इतना ज़रूर कहा है कि 'इस्लाम दुश्मनों से भी शांतिपूर्ण संवाद को नहीं रोकता है.'

पिछले हफ़्ते ही अफ़ग़ान सरकार के प्रतिनिधियों ने पाकिस्तान की मध्यस्तथा से मरी में अफ़ग़ान सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाक़ात की.

हालांकि इस बीच अफ़ग़ान सुरक्षा बलों पर तालिबान के हमलों भी वृद्धि देखी जा रही है.

अटकलों पर विराम

नाटो ने पिछले साल दिंसबर में अफ़ग़ानिस्तान में युद्धक अभियान को ख़त्म किया और देश की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी अफ़ग़ान बलों को सौंप दी.

Image caption पाकिस्तान में हुई तालिबान और अफ़ग़ान सरकार की वार्ता

मुल्ला उमर के बयान से इन अटकलों पर विराम लग गया है कि इस शांति वार्ता को तालिबान नेता का समर्थन प्राप्त नहीं है.

तालिबान की वेबसाइट पर प्रकाशित इस बयान से संकेत मिलता है कि विदेशी बलों के नियंत्रण को ख़त्म करने के मक़सद को हासिल करने के लिए बातचीत 'एक वैध तरीक़ा' है.

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