सरकारी सेना का अदन पर नियंत्रण का दावा

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यमन में सेना ने दक्षिणी प्रांत अदन को हूती विद्रोहियों से मुक्त करा लिया है. निर्वासन में रह रहे यमन के उप राष्ट्रपति ख़ालिद बहा ने ये दावा किया है.

अपने फ़ेसबुक पेज पर उन्होंने लिखा, सरकार ईद उल फ़ितर के पहले दिन अदन प्रांत की मुक्ति की घोषणा करती है.

सऊदी अरब में रह रहे खालिद बहा का कहना था कि उनकी सरकार वहां आधारभूत सेवाएं बहाल करने के लिए काम करेगी. अदन में पिछले चार महीने से विद्रोहियों और सरकारी सेनाओं के बीच भीषण लड़ाई चल रही है.

सरकारी सेनाओं की मदद करने के लिए पिछले कई महीनों में वहाँ सऊदी अरब के सैनिकों ने हवाई हमले भी किए हैं. अदन यमन का दूसरी बड़ा शहर और मुख्य बंदरगाह है.

अदन में सरकार की स्थिति काफी मज़बूत थी लेकिन इसी साल मार्च महीने में हूती विद्रोहियों ने सरकारी सेनाओं को वहां से खदेड़ दिया था.

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इस हफ्ते की शुरुआत में सरकारी सेनाओं ने एक बार फिर हूती विद्रोहियों के खिलाफ ज़ोरदार हमला बोला और उसे सफलता भी मिली.

हालांकि अदन के कई इलाकों में शुक्रवार को भी लड़ाई जारी रही और बताया जा रहा है कि कुछ इलाकों में विद्रोही अब भी मज़बूत स्थिति में हैं.

बीबीसी के सुरक्षा मामलों के संवाददाता फ़्रैंक गार्डनर का कहना है कि इस अभियान को सऊदी सरकार अपनी जीत की तरह देख रही है और उसने इसकी सफलता पर कहा कि ये ‘अदन की मुक्ति’ है.

ख़ुफ़िया रणनीति

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सऊदी अरब सरकार के एक सलाहकार ने बीबीसी को बताया कि ये जीत पिछले दस हफ्ते की ख़ुफ़िया रणनीति का परिणाम है जिसके तहत यमन के लड़ाकों को सऊदी अरब में प्रशिक्षित किया गया था और ज़मीनी लड़ाई के अलावा हवाई और समुद्री हमले भी किए गए.

उनके मुताबिक अदन के बाद अगला कदम तायज़ शहर को हूती विद्रोहियों से मुक्त कराना होगा.

पिछले चार महीने से चल रही लड़ाई में अब तक हज़ारों लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ी है और यमन को गंभीर मानवीय संकट से जूझना पड़ रहा है.

आगे की राह

स्थानीय अधिकारियों के हवाले से न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स का कहना है कि गुरुवार को निर्वासन में रह रहे राष्ट्रपति अब्दरब्बू मंसूर हादी की सरकार के कई मंत्री सऊदी अरब से हेलीकॉप्टर के ज़रिए अदन के बाहरी इलाकों में पहुंच गए हैं.

अगर इस बात की पुष्टि होती है तो ये पहली बार होगा जब सऊदी अरब में शरण लेने के बाद सरकारी अधिकारी यमन लौटे हैं.

सऊदी अरब का मकसद रहा है कि हूती विद्रोहियों को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर किया जाए.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ये संघर्ष ख़त्म होने की ओर शायद बढ़ रहा है लेकिन ये भी सच है कि यमन के ज़्यादातर हिस्सों पर विद्रोहियों का कब्ज़ा है. वहीं सऊदी अरब अपना अभियान खत्म शायद अभी खत्म नहीं करेगा.

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