यमन में क्यों हो रही है लड़ाई

  • 18 जुलाई 2015
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यमन में लगातार संकट बना हुआ है. सरकार समर्थित सैनिकों और हूती विद्रोहियों के बीच झड़पे पिछले साल शुरु हुई.

मुख्य लड़ाई राष्ट्रपति अब्दरब्बू मंसूर हादी के प्रति वफ़ादार सैनिकों और शिया हूती विद्रोहियों के बीच है. फ़रवरी में राष्ट्रपति अब्दरब्बू मंसूर हादी को राजधानी सना छोड़कर जाना पड़ा था.

पिछले कई महीनों से सऊदी अरब के नेतृत्व में यमन पर हवाई हमले हो रहे हैं. यमन के राष्ट्रपति अब्दरब्बू मंसूर हादी को सऊदी अरब में रहना पड़ रहा है.

आइए समझने की कोशिश करते हैं कि लड़ाई की वजह क्या है

  • हूती विद्रोही यमन में उत्तरी इलाके के शिया मुसलमान हैं. इन्हें देश के पूर्व राष्ट्रपति के वफ़ादार सैनिकों का समर्थन मिल रहा है.
  • हूती विद्रोहियों ने देश के एक बड़े हिस्से पर नियंत्रण कर रखा है जिनमें राजधानी सना भी शामिल है. विद्रोहियों ने पूरी सरकार को निर्वासन में जाने पर मजबूर कर दिया है.
  • विद्रोहियों का आरोप है कि सरकार में भ्रष्टाचार है. उन्होंने संघीय व्यवस्था के ज़रिए उनके प्रमुख भूभाग को देश से अलग-थलग करने की साज़िश का आरोप लगाया है.
  • सरकारी सेनाओं को दक्षिणी यमन के कुछ लड़ाकों और पड़ोसी सुन्नी देश सऊदी अरब से सहयोग मिल रहा है.
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  • यमन की निर्वासित सरकार को सऊदी अरब ने शरण दे रखी है. सऊदी अरब ने शिया शासित ईरान पर हूती विद्रोहियों को समर्थन देने का आरोप लगाया है, लेकिन ईरान इससे इनकार करता रहा है.
  • इस अस्थिरता का लाभ उठाकर अल क़ायदा की यमनी शाखा और इस्लामिक स्टेट भी यमन में ख़ुद को मज़बूत करने में लगे हैं.
  • संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि पिछले 15 हफ्तों में यहां हवाई हमलों में 3200 से भी ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं और इनमें ज़्यादातर आम नागरिक हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यमन के ज़्यादातर हिस्सों पर विद्रोहियों का कब्ज़ा है. वहीं सऊदी अरब अपना अभियान खत्म शायद अभी खत्म नहीं करेगा.

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