रानी के 'नाज़ी अभिवादन' वाली फ़िल्म पर विवाद

  • 19 जुलाई 2015
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ब्रिटेन के राजघराने ने 1933 का वीडियो जारी करने पर निराशा जताई है जिसमें रानी एलिज़ाबेथ को नाज़ी तरीके से अभिवादन करते हुए दिखाया गया है.

ब्रिटेन के 'द सन' अखबार ने 17 सेकेंड की फ़िल्म को रिलीज़ किया है हालाँकि ये स्पष्ट नहीं है कि ये किन परिस्थितियों में बनाई गई थी.

इसमें मौजूदा रानी, उनकी मां, बहन और अंकल एडवर्ड अष्टम को दिखाया गया है. मौजूदा रानी उस समय सात साल की थीं और एडवर्ड बाद में ब्रिटेन के राजा बने.

बकिंघम पैलेस ने कहा, “हमें इस पर निराशा हुई कि आठ दशक पहले की फ़िल्म का इस्तेमाल किया गया.”

'सही संदर्भ में देखें'

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इस फ़िल्म में रानी की मां को नाज़ी तरीके से हाथ उठा कर अभिवादन करते हुए दिखाया गया. इसके बाद राजकुमारी एलिज़ाबेथ ने भी वैसा ही किया.

बकिंघम पैलेस के सूत्र ने कहा, “उम्मीद है कि ज़्यादातर लोग इस फ़िल्म को सही संदर्भ में देखेंगे. यहां पारिवार खेल रहा है और ये एक क्षणिक मुद्रा है जो लोगों ने उस समय की दूसरी समाचार रील में देखी होगी. उस समय यह कोई नहीं जानता था कि आगे चल कर इसका क्या होगा. आज इसका कोई मतलब निकालना भ्रामक होगा.”

'लोकहित में तस्वीर'

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बकिंघम पैलेस के सूत्र के मुताबिक, “रानी और उनके परिवार के लोगों ने युद्ध के दौरान इस देश की सेवा और उसके कल्याण के लिए जीवन लगाया है. रानी बीते 63 साल से दूसरे देशों के साथ ब्रिटेन के रिश्ते बेहतर करने की लगातार कोशिश करती रही हैं.”

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बीबीसी संवाददाता सायरा कैंपबैल के मुताबिक राजघराने ने फ़िल्म की सच्चाई को नकारा नहीं है, पर इस बात पर सवाल उठाए हैं कि इस वीडियो को किस तरह से रिलीज़ किया गया है.

दूसरी ओर, ‘द सन’ के प्रबंध संपादक स्टिग अबेल ने तमाम आरोपों को ख़ारिज कर दिया है. उन्होंने कहा, "तस्वीर छापने का फ़ैसला इसलिए किया गया क्योंकि यह लोकहित में है. प्रिंस एडवर्ड की वजह से इसका ऐतिहासिक महत्व है और लोग इसे जानना चाहेंगे."

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