'शैतान गुमराह करके इंटरनेट तक ले गया'

  • 25 जुलाई 2015
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रुस की एक ऐतिहासिक मोनेस्ट्री के प्रमुख का कहना है कि स्मार्टफ़ोन और इंटरनेट यहां रहने वालों की साधना में खलल डाल रहे हैं.

वलाम मोनेस्ट्री के बिशप पैंकराटी कहते हैं, "स्मार्टफ़ोन और स्क्रीन बड़ा प्रलोभन हैं, खासकर युवा साधकों के लिए और ये मोनेस्ट्री के आधुनिक जीवन की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है."

उन्होंने 'आर्ग्यूमेंटी आई फैक्टी' अख़बार से कहा कि कुछ साधकों ने उनसे कुबूल किया है कि "शैतान हमें गुमराह करके दोबारा इंटरनेट तक ले गया". एक प्रशिक्षु ने 'वेब में मस्त होने के बाद' वलाम मोनेस्ट्री को छोड़ दिया.

फिक्र

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बिशप को फिक्र है कि उनके 150 प्रशिक्षु 'ब्लॉग लिखने, चैट करने और आशिर्वाद के पोस्ट करने' में व्यस्त हो जाएंगे जैसा कि रुस और दुनिया की दूसरी मोनेस्ट्री में होता है.

बिशप पैंकराटी खुद इंटरनेट का इस्तेमाल बंद करके उदाहरण पेश कर रहे हैं.

वो संकोच के साथ इतना जोड़ते हैं कि वो इंटरनेट का इस्तेमाल सिर्फ "धार्मिक मामलों और ताज़ा घटनाक्रम की जानकारी, ई-मेल भेजने और मौसम की जानकारी" के लिए करते हैं.

मुश्किल

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वो ये बात स्वीकार करते हैं कि फ़ोन पर पूरी तरह बंदिश लगाना मुश्किल होगा.

वो सलाह देते हैं कि नेक बर्ताव के इनाम के तौर पर सामान्य हेंडसेट दिए जा सकते हैं, जैसा कि ग्रीस की मांउट एथोस मोनेस्ट्री में हो रहा है.

बिशप के पास भी स्मार्टफ़ोन है और वो कहते हैं कि इस पर बना अधकटे सेब का निशान याद दिलाता है कि कि कैसे "आदम और ईव ने भगवान के सामने पाप किया था."

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