पाकिस्तान: सिख लड़की ने बनाई टॉपर्स में जगह

पाकिस्तान में सिख समुदाय की 15 साल की मनबीर कौर के घर बार-बार लोगों के फोन आ रहे हैं और उन्हें बधाइयां मिल रही हैं.

मनबीर ने पंजाब प्रांत में 10वीं की परीक्षा में कुल 1100 अंकों में से 1035 अंक लेकर टॉपर्स के बीच अपनी जगह बनाई है.

हमने भी फोन किया था पर वो घर पर नहीं थी. पता चला कि वो मत्था टेकने पंजा साहिब गई हैं. उनके पिता से जरूर बात हुई.

उनके पिता प्रेम सिंह ने कहा, "ये पहली बार है कि जब सिख समुदाय की किसी बच्ची ने 95 फीसदी नंबर लिए हैं."

प्रेम सिंह का कहना है कि मनबीर पढ़ाई में बहुत मेहनती है और डॉक्टर बनना चाहती हैं.

मिसाल

प्रेम सिंह को उम्मीद है कि उनकी बेटी की कामयाबी और लड़कियों को भी पढ़ाई के लिए जागरुक बनाएगी.

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पंजाब प्रांतीय असेंबली की सदस्य मेरी गिल कहती है कि मनबीर कौर की कामयाबी अल्पसंख्यक समुदाय के सभी लोगों के लिए मिसाल है कि अगर वो मेहनत करके कोई मुक़ाम हासिल करना चाहें तो वो मुमकिन है.

ईसाई समुदाय से संबंध रहने वाली मेरी गिल कहती हैं, "पाकिस्तान के सिख समुदाय के लिए ये बड़े सम्मान की बात है. पहली बार एक बच्ची ने टॉप किया है. वो भी शिक्षा के क्षेत्र में, जहां अल्पसंख्यकों की शिक्षा के लिहाज से अच्छी साख नहीं है."

मेरी गिल कहती है कि मनबीर कौर की कामयाबी इसलिए भी अहम है क्योंकि अल्पसंख्यकों के लिए पाकिस्तान में बहुत ज़्यादा मौके नहीं होते हैं और इसलिए वो हीन भावना के शिकार हैं.

आगे बढ़ने के मौक़े

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हालांकि प्रेम सिंह इस बात से सहमत नहीं है कि उनके समुदाय को आगे बढ़ने के मौके नहीं दिए जाते.

वो कहते हैं, "सिखों के लड़के अब सेना में है, इंजीनियर हैं, डॉक्टर हैं, पुलिस में है, अगर हमारे अंदर काबलियत है तो हमें लिया जाता है."

वो कहते हैं, "अगर अनपढ़ है और सोचें कि मैं कोई बड़ी रैंक पर चला जाऊं तो ये बड़ी बेवकूफी होगी."

प्रेम सिंह बताते हैं कि मनबीर कौर को ननकाना साहिब के अलावा पूरे पाकिस्तान की सिख संगत जानती हैं क्योंकि वो बहुत अच्छी कीर्तन भी करती हैं.

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