'ख़िलाफ़त' कायम करने की साज़िश में मुक़दमा

  • 2 अगस्त 2015
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संयुक्त अरब अमीरात में सत्ता पर क़ब्ज़ा कर ख़िलाफ़त क़ायम करने के आरोपों में 41 लोगों पर मुक़दमा चलेगा.

सरकारी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक़ इन लोगों में कई विदेशी और यूएई के नागरिक शामिल हैं.

अटॉर्नी जनरल सलेम सईद कुबैश का कहना है कि संदिग्धों ने 'यूएई की ज़मीन पर आतंकवादी हमलों की योजना' बनाई थी.

यूएई में चरमपंथियों के ख़िलाफ़ चल रहे मुकदमों में ये ताज़ा मामला है. हालांकि कई मानवाधिकार संगठन इस तरह के मुक़दमों में निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाते हैं.

'चरमपंथी गुटों से संबंध'

कुबैश ने बताया कि ये लोग 'तकफिरी' विचारधारा से प्रेरित है जो एक चरमपंथी सुन्नी विचारधारा है और तथाकथित इस्लामिक स्टेट भी इस पर अमल करता है.

उन्होंने बताया कि इन लोगों के पास बंदूकों और विस्फोटक मिले हैं और वो विदेश में सक्रिय चरमपंथी गुटों के संपर्क में भी हैं.

जुलाई 2013 में 68 लोगों को यूएई में सरकार को गिराने के आरोपों में जेल की सज़ा दी गई और उन्हें अपील करने का अधिकार भी नहीं दिया गया था.

पिछले साल जनवरी में भी, राजधानी अबु धाबी की एक अदालत ने 30 लोगों को मुस्लिम ब्रदरहुड से संबंध रखने का दोषी करार दिया.

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