अभी हार नहीं मानी है: राजपक्षे

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श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने कहा है कि उन्होंने अभी हार नहीं मानी है. सोमवार को श्रीलंका में संसदीय चुनाव हुए थे.

इससे पहले समाचार एजेंसी एएफ़पी ने कहा था कि राजपक्षे ने हार मान ली है और कहा है कि प्रधानमंत्री बनने का उनका 'सपना धुंधला पड़ गया है.'

लेकिन उनके आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से जारी एक बयान में कहा गया है- 'महिंदा राजपक्षे को अभी आधिकारिक नतीजा नहीं मिला है. #GenElecSL जीत स्वीकारें या हार मानें.'

दूसरी ओर एएफ़पी के ब्यूरो चीफ़ अमल जयसिंघे ने बीबीसी को बताया कि वे अपनी रिपोर्ट पर क़ायम हैं.

उन्होंने बताया कि टेलिफोन पर हुई बातचीत में राजपक्षे ने हार मान ली थी, लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने फ़ोन करके ख़बर न चलाने का अनुरोध किया.

जयसिंघे के मुताबिक़ उन्होंने राजपक्षे को बता दिया था कि ख़बर पब्लिश हो चुकी है.

झटका लगा था

पूर्व राष्ट्रपति राजपक्षे को इस साल जनवरी में उस समय तगड़ा झटका लगा था जब वे मैत्रीपाला सिरिसेना से राष्ट्रपति चुनाव हार गए थे.

चुनाव से कुछ दिनों पहले बीबीसी सिंहला सेवा से बातचीत में राजपक्षे ने कहा था कि उन्हें 225 सदस्यीय असेंबली में 117 सीटें मिलेंगी.

(राष्ट्रपति के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान राजपक्षे ने कभी भी बीबीसी से बात नहीं की थी.)

वर्चस्व

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यूनाइटेड नेशनल पार्टी का नेतृत्व मौजूदा प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे का हाथों में है.

महिंदा राजपक्षे के क़रीबी सहयोगी उदय गमनपिला ने भी अपने फ़ेसबुक पन्ने पर कुछ ऐसा ही संदेश लिखा है.

दूसरी ओर राष्ट्रपति सिरिसेना ने श्रीलंका फ़्रीडम पार्टी की सेंट्रल कमेटी से 11 सदस्यों को हटा लिया है. माना जा रहा है कि ये सिरिसेना की पार्टी के अंदर अपना वर्चस्व क़ायम करने की कोशिश है.

आधिकारिक नतीजे आने के बाद राष्ट्रपति का अपने पसंद का प्रधानमंत्री चुनने का रास्ता साफ़ हो गया है. सिरिसेना चाहते हैं कि वे ऐसा प्रधानमंत्री लाएँ, जो उनके सुधारवादी एजेंडे को आगे बढ़ाए.

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