'फ़्लाइंग फ़ॉक्स' के लिए मशहूर हैं ये द्वीप

  • 20 अगस्त 2015
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जापान की राजधानी टोक्यो से एक हज़ार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यूनेस्को की वर्ल्ड हैरिटेज़ साइट्स में शामिल 30 द्वीपों का समूह - बोनिन.

यहां मौजूद जैविक विविधताओं का आकर्षण ऐसा है कि लोग 25 घंटे के फैरी के सफ़र के बाद भी इनकी सैर करने आते हैं.

बोनिन द्वीप समूह का कुल क्षेत्रफल लगभग 84 वर्ग किलोमीटर है और आबादी 2400 के करीब है.

इसका नाम बोनिन इसलिए पड़ा क्योंकि एक समय यह निर्जन द्वीप था. बोनिन का मतलब है ऐसी जगह जहां किसी का वास न हो.

एक अमरीकी व्यापारी की कोशिशों के कारण इस द्वीप समूह का सबसे पहले 1830 में पता चला था. हालांकि इस पर 1862 से जापान ने अपना हक जताना शुरू कर दिया.

लोग इस द्वीप समूह की जैविक विविधता, पेड़ पौधों की 441 प्रजातियां और वन्य जीवों की 379 प्रजातियां देखने आते हैं. केवल घोंघे की ही 134 मूल प्रजातियां यहां मिलती हैं.

सबसे आकर्षक हैं यहाँ के 'फ़्लाइंग फॉक्स.'

25 घंटे का सफ़र

जब हमारा समुद्री जहाज़ टोक्यो बे से गुजरने के बाद शहर के शोर शराबे और चकाचौंध से दूर निकला तो सुबह के 11 बजे हैं और कुछ लोग सुबह ही डेक पर बैठ कर बीयर पी रहे थे.

हमे किसी तरह समय गुजारना था. हम फैरी से जापान के बोनिन द्वीप समूह की ओर बढ़ रहे थे. देश के सबसे दूरस्थ इस द्वीप पर जाने के लिए सप्ताह में एक ही दिन फैरी उपलब्ध होती है. 1000 किलोमीटर की दूरी को तय करने में अमूमन 25 घंटे का समय लगता है.

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फैरी की हालत बहुत अच्छी नहीं थी और मेरे साथ 100 दूसरे यात्री भी थे. कंबल लेकर, इंस्टेंट नूडल्स खाते हुए और वीडियो गेम्स खेलते हुए यात्रियों का दिल लगा हुआ था.

बोनिन इतना लोकप्रिय है कि लोग इसे देखने के लिए खिंचे चले आते हैं. इस द्वीप की ख़ासियत यह है कि यह कभी धरती के किसी बड़े हिस्से से जुड़ा हुआ नहीं रहा. इसलिए यहां प्राकृतिक वन्य जीवों की बहुतायत देखने को मिलती है.

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इसे 2011 में यूनेस्को ने वर्ल्ड हैरिटेज़ साइट्स में शामिल किया था.

समुद्र में ज्वालामुखी फटा

इसके बाद यह द्वीप आश्चर्यजनक तौर पर फैला है. दरअसल समुद्र के अंदर हुई उथलपुथल से नंवबर, 2013 में समुद्र में ज्वालामुखी फटा और समुद्र की लहरों के ऊपर उठ गया.

इस तरह एक नया भूखंड द्वीप समूह में शामिल हो गया. द्वीप का क्षेत्रफल बढ़ा है और जनवरी, 2014 तक यह करीब 60 हज़ार वर्ग मीटर तक फैल चुका था.

स्थानीय लोग इस द्वीप को निजिमा नाम से पुकराते हैं. निजिमा का मतलब होता है नया द्वीप समूह.

वैसे बोनिन द्वीप समूह अपेक्षाकृत शांत द्वीप समूह है. यहां पहुंचने पर मैं यहां के इकलौते गेस्ट हाउस बानाना इन पर ठहरा, जो सबसे बड़े द्वीप चिकिजमा पर स्थित है. इस द्वीप समूह के अधिकतर लोग इसी टापू पर रहते हैं और इनकी संख्या 2400 के करीब है.

जब बुश बाल बाल बचे

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यह द्वीप जापानी और अमरीकी सैनिकों के बीच संघर्ष का क्षेत्र भी बना रहा. इसी क्षेत्र में अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति जार्ज बुश (सीनियर) का विमान सितंबर, 1944 में जापानी टॉरपीडो बॉम्बर का शिकार हुआ था.

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उस समय जॉर्ज बुश 20 साल के थे. इस घटना में बुश को दो साथी मारे गए थे जबकि बुश बच गए थे.

बहरहाल, 1946 में इस द्वीप पर अमरीका का कब्जा हो गया था. लेकिन 1968 में अमरीका ने इसे जापान को लौटा दिया.

हालांकि इस द्वीप पर अमरीकी शासन का असर साफ देखा जा सकता है. यहां के निवासियों में जापानी और अमरीकी विरासत भी नजर आती है.

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वैसे आधिकारिक तौर पर द्वीप समूह में 100 प्रतिशत आबादी जापानी लोगों की है.

टोक्यो एक ओर तकनीकी तौर पर समृद्ध शहर है, वहीं बोनिन में वन्यजीवों की बहुतायत है. चिकिजिमा द्वीप समूह से निकलते समय हमने इलाके के दूसरे द्वीपों को देखा.

इस दौरान हमने 2 मीटर लंबी व्हेल भी देखी.

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इसके अलावा मियानो हामा समुद्री तट पर सांप, तेंदुए भी नजर आए. इसके अलावा लेवेंडर रंग की समुद्री वनस्पति भी नज़र आती है. विशालकाय केकड़े और समुद्रतटीय पक्षी वेरबलर भी नजर आते हैं. इस द्वीप की ख़ासियत लाल रंग वाला हिबिसकस पौधा भी है.

पर्यटकों का सम्मान

लेकिन बोनिन द्वीप समूह की सूर्यास्त बेहद ख़ास होती है. उस समय नज़र आने लगती हैं 'फ़्लाइंग फ़ॉक्स' जो विशालकाय चमगादड़ हैं लेकिन इधर-उधर आम पाए जाने वाले चमगादड़ों से अलग हैं.

वैसे तो दुनिया भर में 60 प्रजाति के चमगादड़ होते हैं जो अमूमन एशिया, ऑस्ट्रेलिया और पूर्वी अफ़्रीका के उष्णकटिबंधीय हिस्से में पाए जाते हैं.

लेकिन जापान के इस द्वीप में पाए जाने वाली 'फ़्लाइंग फ़ॉक्स' ख़ास होती हैं और अन्य उड़ने वाली लोमड़ियों से आकार में बड़ी होती हैं और केवल यहीं पाई जाती है.

बोनिन द्वीप समूह के निवासियों के लिए हर हफ़्ते आने वाली फैली मानो आर्थिक लाइफ़लाइन का काम करती है. लेकिन यहां के लोग विदेशी पर्यटकों को लूटते नहीं हैं.

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चिकिजिमा द्वीप पर मेरी आखिरी रात को एक स्थानीय शख़्स ने टूटी फूटी अंग्रेजी में मुझे स्थानीय व्यंजनों के स्वाद चखाए. जब अंत में मैंने उसके रेस्टोरेंट में पैसों का भुगतान करना चाहा तो उसने इनकार कर दिया.

उसने कहा, "आप यहां हमारे मेहमान हैं." उसके एक दोस्त ने मुझे बताया कि विदेशी पर्यटकों के साथ आखिरी रात को ऐसा ही बर्ताव होता है.

अंग्रेज़ी में मूल लेख यहां पढ़ें, जो बीबीसी ट्रैवल पर उपलब्ध है.

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