तनाव के बीच कोरियाई देशों में बातचीत

  • 22 अगस्त 2015
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दक्षिण कोरिया ने सरकारी न्यूज़ एजेंसी योनहैप से कहा है कि दक्षिण और उत्तर कोरिया के अधिकारियों के बीच बने तनाव को ख़त्म करने के लिए बातचीत हुई है.

दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के सहायकों ने सीमा पर मौजूद पाममूनजम गांव में मुलाक़ात की जो कि असैन्य इलाका है.

उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया को चेताया था कि अगर उसने सीमा के नज़दीक मौजूद लाउडस्पीकरों के ज़रिए उसके ख़िलाफ प्रचार बंद नहीं किया तो वो 'कड़ी सैन्य कार्रवाई' करेंगे.

गुरुवार को हुई गोलीबारी के बाद उत्तर कोरिया ने कहा कि दोनों देशों के बीच छोटे युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है.

जिस जगह वार्ता चल रही है वहां मीडिया को जाने की अनुमति नहीं है.

लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल

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2004 में दोनों देशों के बीच यह समझौता हुआ था कि वो सीमा पर मौजूद प्रचार के लिए रखे गए लाउडस्पीकरों को हटाएंगे.

दक्षिण कोरिया के अख़बार 'कोरियन टाइम्स' ने कहा है कि इस तरह से लाउडस्पीकरों का इस्तेमला मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए किया जाता है.

लेकिन 2010 में दक्षिण कोरिया ने सीमा पर दोबारा से लाउडस्पीकरों से प्रचार करना शुरू कर दिया.

दक्षिण कोरिया का कहना था कि उसके दो सैनिक एक लैंडमाइन धमाके में घायल हुए थे जिसके बाद उसने ऐसा करना शुरू किया.

वहीं उसके कुछ दिनों बाद उत्तर कोरिया ने भी अपने लाउडस्पीकरों से दक्षिण कोरिया के विरोध में प्रचार शुरू कर दिया.

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