तनाव के बीच कोरियाई देशों में होगी बातचीत

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन सीमा पर इमेज कॉपीरइट EPA

दक्षिण कोरिया मीडिया का कहना है कि तनाव के बीच उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया बातचीत करेंगे.

इससे पहले, दक्षिण कोरिया ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने अपनी तोपों को सीमा की तरफ़ भेज दिया है.

इसका मक़सद सीमा पर दक्षिण कोरियाई के उन लाउडस्पीकरों को तबाह करना है जिससे दुष्प्रचार किया जाता है.

उत्तर कोरिया ने शनिवार दोपहर तक इन लाउडस्पीकरों को हटाने की समयसीमा तय की है और ऐसा न होने की सूरत में सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है.

दक्षिण कोरिया का कहना है कि वो किसी भी स्थिति का सख़्ती से जवाब देगा और उसके लड़ाकू विमान अमरीकी लड़ाकू विमानों के साथ सीमा के नज़दीक उड़ान भर रहे हैं.

तनाव के बीच दोनों देशों का युद्ध अभ्यास जारी है.

बीबीसी को कोरिया संवाददाता का कहना है कि उत्तर कोरियाई की तरफ़ से दिए गए अल्टीमेटम से स्थिति और ख़राब हुई है.

तनाव

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इससे पहले संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस में उत्तर कोरिया के उप राजदूत अन म्योंग हुन ने सीमा पर लगे लाउडस्पीकर से होने वाले प्रचार को युद्ध वाला क़दम क़रार दिया.

उन्होंने दक्षिण कोरिया को चेतावनी दी है कि यदि उसने सीमा पर चल रहा 'दुष्प्रचार प्रसारण' बंद नहीं किया तो उसके ख़िलाफ़ ज़बरदस्त सैन्य कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने कहा कि यह प्रचार शनिवार दोपहर बाद तक बंद हो जाना चाहिए.

बीते दिनों, दोनों देशों के बीच लगभग पांच साल में पहली बार सीमा पर गोलाबारी हुई.

इसके बाद उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को अपने सैनिकों को युद्ध स्तर पर तैयार कर दिया.

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