एशियाई शेयर बाजार में गिरावट जारी

  • 25 अगस्त 2015
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चीन की अर्थव्यवस्था में कमज़ोरी के संकेतों के बीच एशिया के बड़े बाज़ारों में गिरावट जारी है.

मंगलवार सुबह जब जापान का शेयर बाजार निक्केइ खुला तो उसमें करीब 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.

शंघाई कॉम्पोज़िट में शेयर बाजार के लगभग ढह जाने और अमरीका और यूरोप के स्टॉक मार्केट में सोमवार को भारी गिरावट देखे जाने के बाद ऐसा हुआ है.

चीनी अर्थव्यवस्था में मंदी के डर से लगभग सभी निवेशक बुरी तरह डरे हुए हैं.

मंगलवार की सुबह दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार कास्पी 0.5 फीसदी गिर कर 1,821.49 और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी एएसएक्स इंडेक्स 0.8 फीसदी गिर कर 5,001.90 पर खुला.

दुनिया भर के निवेशक विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को लेकर चिंतित हैं. निवेशकों को भय है कि जो कंपनियां और देश चीन से होने वाली मांग पर टिके हुए हैं उन पर इस स्थिति का बुरा प्रभाव पड़ेगा.

चीन को दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था और गुड एंड कमर्शियल सर्विसेज दोनों के क्षेत्र में दूसरा सबसे बड़ा आयातक माना जाता है.

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चीन के केंद्रीय बैंक ने दो हफ्ते पहले अपनी मुद्रा युआन का अवमूल्यन किया था.

सरकारी पेंशन फंड

वॉल स्ट्रीट का डाउ जोंस 3.6 फीसदी गिर कर बंद होने के बाद जब सुबह जब खुला तो रात भर में इसने 6 फीसदी की रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की. पहले ये 2% तक गिरा. यह पहले 6% तक गिर चुका था.

इससे पहले, लंदन के एफ़टीएसई 1000 इंडेक्स 4.6 फीसदी नीचे गिर कर बंद हुआ जबकि फ्रांस और जर्मनी के मुख्य बाजार क्रमशः 5.5 फीसदी और 4.96 फीसदी गिरे थे. न्यूयॉर्क में लगभग हर क्षेत्र के स्टॉक को बिकवाली झेलनी पड़ी.

निवेशकों को अब इंतजार है कि चीन इस स्थिति से निपटने के कदम उठाए ताकि शेयर बाजार में स्थिरता आ सके.

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चीन की सरकार ने अपने खस्ताहाल शेयर बाज़ार को बचाने के लिए मुख्य सरकारी पेंशन फंड का इस्तेमाल करने की योजना बनाई लेकिन वो कारोबारियों को भयमुक्त करने में सफल नहीं रही.

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