प्रवासियों के लिए खुला बुडापेस्ट स्टेशन

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हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट के मुख्य रेलवे स्टेशन को प्रवासियों के लिए खोल दिया गया है.

प्रवासी इस स्टेशन के बाहर दो दिनों से डटे थे. स्टेशन के दरवाज़े खुलने के बाद प्रवासियों की भीड़ स्टेशन में दाख़िल हुई.

लेकिन एक सार्वजनिक घोषणा में कहा गया कि पश्चिमी यूरोप की ओर जाने वाली अंतरराष्ट्रीय ट्रेनों को अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दिया गया है.

हंगरी के प्रवासी विरोधी प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बान बर्सेल्स में अप्रवासी संकट पर हो रही चर्चा में शामिल होने जा रहे हैं.

बुडापेस्ट स्टेशन पर फंसे प्रवासियों को मंगलवार और बुधवार को ट्रेनों में नहीं बैठने दिया गया.

कुछ प्रवासियों ने पुलिस से झड़पें भी की.

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नीति पर मतभेद

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे गुरुवार को स्थानीय ट्रेनों में सफ़र कर सकेंगे या नहीं.

यूरोप में दाख़िल होने वाले प्रवासियों की संख्या बीते महीने एक लाख सात हज़ार के आंकड़े को पार कर गई.

जर्मनी इस साल आठ लाख अप्रवासियों को जगह दे सकता है. ये पिछले साल के मुक़ाबले चार गुना ज़्यादा है.

प्रवासियों की बढ़ती संख्या के कारण यूरोपीय संघ में प्रवासी नीति को लेकर मतभेद उभर रहे हैं.

बुधवार को जर्मनी, इटली और फ़्रास ने कहा कि प्रवासियों को समूचे यूरोप में बराबर जगह दी जानी चाहिए.

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इटली और ग्रीस शिकायत करते रहे हैं कि उन्हें बड़ी तादाद में आ रहे प्रवासियों से अकेले ही निबटना पड़ रहा है.

जर्मनी जहाँ बड़ी तादाद में प्रवासियों को स्वीकार करने के लिए तैयार है वहीं बाक़ी देश इसके ख़िलाफ़ हैं.

त्रासदी

यूरोपीय संघ के आंतरिक और न्याय मामलों के मंत्री 14 सितंबर को ब्रसेल्स में प्रवासी संकट पर चर्चा करेंगे.

बुधवार को ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा था कि ज़्यादा से ज़्यादा तादाद में प्रवासियों को स्वीकार करना समाधान नहीं है.

इस संकट की मानवीय त्रासदी की झलक तब विश्व के सामने आई जब ग्रीस पहुँचने की कोशिशों में तुर्की के जलक्षेत्र में डूबकर मरे 12 सीरियाई प्रवासियों में शामिल पाँच बच्चों की तस्वीरें सामने आईं.

समुद्र के किनारे पहुँचे एक तीन वर्षीय बच्चे के शव की तस्वीर को सोशल मीडिया पर ख़ूब शेयर किया जा रहा है.

इस बच्चे के पाँच वर्षीय भाई और माँ की भी समुद्र में डूबकर मौत हो गई है.

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