तकियों से घायल हुए अमरीकी रंगरूट !

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अमरीका की प्रतिष्ठित सैन्य अकादमी वेस्ट प्वाइंट में प्रशिक्षण की समाप्ति पर, 'तकियों से लड़ाई' की परंपरा कई नई रंगरूटों को महँगी पड़ी.

तकियों से एक दूसरे पर वार करने के दौरान 30 रंगरूट घायल हो गए और इनमें से 24 सैनिक तो बेहोश ही हो गए.

हुआ यह कि कुछ कुछ सैनिकों ने तकियों में ठोस चीज़े भर ली थीं. एक सिपाही की नाक टूट गई जबकि कई के कंधों में मोच आ गई.

अगस्त में हुए इस आयोजन में नए जवानों को लगी चोटों के बारे में अमरीकी अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट प्रकाशित की है.

'केडिट लौट, चोटें गंभीर नहीं'

वेस्ट पाइंट अकादमी का कहना है कि तकियों की ये पारंपरिक लड़ाई सैनिकों का उत्साह बढ़ाने के लिए आयोजित की जाती है.

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अकादमी के मुताबिक चोटें गंभीर नहीं हैं और सभी केडिट ड्यूटी पर लौट आए हैं.

अगस्त में हुए इस आयोजन में नए जवानों को लगी चोटों के बारे में अमरीकी अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट प्रकाशित की है.

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक लड़ाई का एक वीडियो ऑनलाइन आया जिसमें जवानों को लड़ते हुए दिखाया गया है. कुछ ने तो हेलमेट और सुरक्षा कवच तक पहन रखे थे.

20 अगस्त को हुई इस लड़ाई की तस्वीरें तो ऑनलाइन साझा की जा रहीं थीं लेकिन वेस्ट पाउंट ने फ़िलहाल इनकी पुष्टि नहीं की है.

सालाना होने वाले इस आयोजन को बेहद कठिन अभ्यास के बाद मौजमस्ती के लिए कराया जाता है.

1897 से चल रही परंपरा

वेस्ट पाइंट के अधीक्षक लेफ़्टिनेंट जनरल रोबर्ट कास्लेन ने कहा है कि ये आयोजन हर साल होता है लेकिन हम जानबूझकर चोट पहुँचाने वाली किसी गतिविधि को माफ़ नहीं करते हैं.

उन्होंने कहा कि जवानों में से अधिकतर ने इस आयोजन की भावना को बरक़रार रखा लेकिन कुछ ने ऐसा नहीं किया.

उन्होंने यह भी कहा है कि सैन्य पुलिस मामले की जाँच कर रही है और जाँच पूरी होने पर कार्रवाई की जाएगी.

सैन्य अकादमी के अनुसार 1897 के बाद से आयोजित होने वाले इस सालाना 'तकिया युद्ध' को रोकने की कोई योजना नहीं है.

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