प्रवासियों से बदल जाएगा जर्मनी: मैर्केल

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जर्मन चांसलर एंगेला मैर्केल ने कहा है कि जर्मनी में बड़ी संख्या में आ रहे शरणार्थियों से आने वाले सालों में उनका देश बदल जाएगा.

उन्होंने कहा कि जर्मनी शरण देने की प्रक्रिया को तेज़ करेगा और छह अरब यूरो की लागत से अतिरिक्त घर बनाए जाएंगे.

लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि जर्मनी सिर्फ़ अपने बल बूते इस संकट को हल नहीं कर सकता है.

उन्होंने यूरोपीय संघ के सभी देशों से शरणार्थियों को लेने के लिए कहा.

सप्ताहांत में लगभग 20 हज़ार शरणार्थी जर्मनी पहुंचे जबकि सोमवार को और 11 हजारों लोगों के आने की उम्मीद है.

इस बीच, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन भी जल्द घोषणा कर सकते हैं कि ब्रितानी सरकार कितने प्रवासियों को शरण देगी.

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हंगरी की चेतावनी

दूसरी तरफ़, हंगरी ने चेतावनी दी है कि प्रवासी संकट से निपटने के लिए यूरोपीय संघ के ताज़ा कार्यक्रम के तहत प्रवासी कोटा लागू करना आसान नहीं होगा.

बुडापेस्ट में हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टोर ओरबान ने कहा कि ये लोग यूरोप के अन्य देशों में सुरक्षित जीवन की तलाश कर रहे 'शरणार्थी' नहीं हैं बल्कि जर्मनी में रहने की मंशा से आ रहे 'अप्रवासी' हैं.

फ्रांस और जर्मनी के नेताओं ने नई 'अनिवार्य व्यवस्था' का प्रस्ताव दिया है जिसमें यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में प्रवासियों का वितरण करने की बात कही गई है.

फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलां ने कहा कि फ्रांस की सरकार 24 हज़ार शर्णार्थियों को शरण देने के लिए तैयार है.

उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में कुल एक लाख 25 हज़ार शरणार्थियों का रखा जाएगा.

मध्य पूर्व से बड़ी संख्या में लोग यूरोप की तरफ जा रहे हैं जिनमें बड़ी संख्या संकटग्रस्त सीरिया के लोगों की है.

इस बीच, सर्बिया के आंतरिक मंत्री नेबोयशा स्टेफानोविच ने कहा है कि सर्बिया यूरोपीय संघ का सदस्य न होते हुए भी शरणार्थियों को लेने को तैयार है.

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