मस्जिदों पर रहेगी कैमरे की नज़र

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Image caption शिया मस्जिदें अक्सर हमलों का निशाना बनी हैं.

पाकिस्तानी गृह मंत्री चौधरी निसार अली ख़ान ने कहा है कि हुकूमत ने उन मस्जिदों और दूसरे धार्मिक स्थलों के बाहर कैमरा लगाने का फ़ैसला किया है जहां दूसरे समुदाय से जुड़े लोगों के ख़िलाफ़ लगातार घृणा पैदा करने वाले भाषण दिए जाते हैं.

गुरूवार को एक बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेस में चौधरी निसार ने बताया कि पहले चरण में गिलगिट बल्टिस्तान, पंजाब और सिंध के कुछ इलाक़ों में मौजूद धार्मिक स्थलों के बाहर कैमरे लगाए जाएंगे.

पाकिस्तानी गृह मंत्री का कहना था कि इसका मक़सद नफ़रत फैलाने वाले तत्वों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करना है.

लेख छापने पर रोकथाम

Image caption इसी तरह का एक हमला पेशावर की एक मस्जिद पर भी हुआ था.

उनका कहना था कि चरमपंथ से निपटने के लिए नेशनल एक्शन प्लान के तहत नफ़रत फैलाने वाले लेख छापने के लिए और एक दूसरे के ख़िलाफ़ घृणा फैलानेवाली स्पीच देने वालों के साथ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी.

चौधरी निसार का कहना था कि पिछले ग्यारह माह के दौरान ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर कट्टरपंथी जमातों के विरूद्ध 11,000 आपरेशन किए गए हैं.

उन्होंने साइबर क्राइम को रोकने के लिए कोशिशों को तेज़ करने का दावा किया.

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