नासमझ भी ख़ुद को क्यों मानते हैं स्मार्ट?

  • 13 सितंबर 2015
इमेज कॉपीरइट BBC FUTURE

आप भी ख़ुद को ख़ूब स्मार्ट, चालाक और मज़ाकिया समझते हैं? ठीक, मेरी ही तरह...

लेकिन अगर हम दोनों ही ग़लत हुए, तो शायद हमें काफ़ी झटका लगे.

मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक ये पूरी तरह संभव है कि हम अपनी कमजोरियों के बारे में हद से ज़्यादा अनजान हों, क्योंकि ये हमें नज़र नहीं आती हैं.

यही वजह है कि कुछ असमर्थ और अक्षम लोगों से हम ऐसे खीझ जाते हैं कि ख़ुद की काबिलियतों के बारे में हम पुनर्विचार करने लगते हैं.

1999 में कॉरनेल यूनिवर्सिटी, न्यूयार्क के जस्टिन क्रुगर और डेविड डनिंग ने उन लोगों पर अध्ययन किया जो न केवल काबिलियत और स्किल्स में कमज़ोर थे, बल्कि उन्हें अपनी खामियों के बारे में जागरूकता भी नहीं थी.

अपने रिसर्च पेपर में इन्होंने पीटर्सबर्ग में बैंक डकैती करने वाले मैकआर्थर व्हीलर का उदाहरण दिया. मैकआर्थर को 1995 में गिरफ़्तार किया गया था.

दिलचस्प अध्ययन

मैकआर्थर व्हीलर ने दो बैंकों में दिन दहाड़े डकैती की थी और वो भी बिना अपना चेहरा छिपाए हुए. जब पुलिस ने मैकआर्थर को सिक्यूरिटी कैमरे का फुटेज दिखाया तो उसने विरोध करते हुए कहा, "ये कैसे हो सकता है, मैंने तो अपने चेहरे पर जूस का लेप लगाया था."

दरअसल वह यह मान रहा था कि चेहरे पर नींबू का रस लगा लेने से, वो सिक्यूरिटी कैमरे की नज़र से बच जाएगा, यानी अदृश्य हो जाएगा.

इमेज कॉपीरइट Thinkstock

क्रुगर और डनिंग ने ऐसे दूसरे उदाहरणों में भी दिलचस्पी ली. उन्होंने पेशेवर कॉमेडियन्स को 30 लतीफ़ों की रेटिंग करने को कहा.

इसके बाद 65 अंडर ग्रेजुएट छात्रों को उन्हीं जोक्स को रेट करने को कहा गया. इसके बाद ये देखने की कोशिश की गई कि वे पेशेवर कॉमेडियनों से कितने छात्रों की रेटिंग मिलती है?

उनसे ये भी पूछा गया कि उन्हें जो रेटिंग की वह उनके मुताबिक कितनी बढ़िया है.

ज़्यादातर लोग ये मानते हैं कि कोई चीज मज़ेदार है या नहीं, वे दूसरों से बेहतर बता सकते हैं. मामला तब और दिलचस्प हो जाता है जब जोक्स सुनाने वाले ने बेहतर ढंग से लतीफ़ा सुनाया हो.

जो लतीफ़ों की रेटिंग में औसत से बेहतर थे, वे स्व-आकलन में काफी हद तक सही थे. जो लोग मज़ेदार जोक्स को आंकने में अक्षम साबित हुए, उन्हें अपनी क्षमताओं को आंकने भी मुश्किल हुई.

हालांकि इसके नतीजों से ये जाहिर नहीं होता है कि किसी का ह्यूमर कैसा है?

जस्टिन क्रुगर और डेविड डनिंग ने निष्कर्ष निकाला कि अपनी काबिलियत का सही आकलन करने के लिए भी वही दिमागी समझबूझ चाहिए जो काबिलियत हासिल करने के लिए चाहिए.

इसीलिए नाकाबिल लोग न केवल नाकाबिल होते हैं बल्कि अपनी खामी जानने में भी अक्षम होते हैं.

ख़ुद से ज़्यादा अपेक्षाएं

अनुसंधानकर्ताओं ने लगातार प्रयोगों के तहत उन लोगों को लॉजिकल रीज़निंग (तर्क शक्ति) और व्याकरण के आधार पर परखा.

इमेज कॉपीरइट Thinkstock

इसमें स्पष्ट, सटीक जवाब होते हैं और किसी को भी इस आधार पर आंकना मुश्किल नहीं है.

हर बार उन्हें एकसमान पैटर्न मिला. जो लोग टेस्ट में ख़राब कर रहे थे और उनका अपनी काबिलियत के बारे में भी आकलन ख़राब ही था.

तीनों अध्ययन में ख़राब प्रदर्शन करने वालों ने ख़ुद की काबिलियत को बहुत बढ़ा-चढाकर आंका था.

एक दूसरे अध्ययन में पाया गया कि सबसे अक्षम प्रतिभागी ये मानने को भी तैयार नहीं थे कि वह सबसे निचले पायदान पर हैं.

अब क्रुगर और डनिंग ने लॉजिकल रीज़निंग में ख़राब प्रदर्शन करने वालों को प्रशिक्षित करना शुरु किया. इससे प्रतिभागियों की स्व-आकलन करने की क्षमता बेहतर हुई.

कहीं आप भी शिकार तो नहीं

शोध से ये भी पता चला कि अक्षमता और उसे स्वीकार नहीं कर पाने की स्थिति वास्तविक जीवन में भी खूब होती है, ये केवल प्रयोगशालाओं की बात नहीं है.

इमेज कॉपीरइट BBC World Service

अध्ययन से पता चला कि जिन शिकारियों को असला-बारूद के बारे में सबसे कम पता था, उन्हें अपनी क्षमताओं के बारे में कोई शक़ या संदेह था ही नहीं.

एक अन्य उदाहरण में, जो डॉक्टर अपने मरीज़ को इंटरव्यू करने और उससे विस्तृत बात करने में असहज थे, उन्हें अपनी इस खामी के बारे में भी सबसे कम पता था.

अब इस मनोवैज्ञानिक स्थिति को दुनिया में डनिंग-क्रुगर इफ़ेक्ट के नाम से जाना जाता है, जिसे मनोवैज्ञानिक मेटाकोगनिशन कहते हैं- यानी, अपनी सोच के बारे में सोचने की क्षमता.

इस इफ़ेक्ट से हमें अपने कई दोस्तों और सहकर्मियों की उनके अपने बारे में धारणाओं को समझने में मदद मिलती है.

इससे पहले की आप दूसरों के बारे में सोचते हुए आत्म-मुग्ध हो जाएँ, ये जानना भी जरूरी है कि ऐसा आपके साथ हो रहा हो और आपको इसका अंदाजा नहीं हो.

अंग्रेज़ी में मूल लेख यहां पढ़ें, जो बीबीसी फ़्यूचर पर उपलब्ध है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार