प्रवासियों के लिए हंगरी ने की नाकाबंदी

  • 15 सितंबर 2015
इमेज कॉपीरइट REUTERS

हंगरी ने प्रवासी को देश में दाख़िल होने से रोकने के लिए दो ज़िलों में इमरजेंसी लगाई है और सख़्त कानून लागू कर दिए हैं.

नए नियमों के अनुसार जो भी व्यक्ति अवैध रूप से हंगरी में घुसने की कोशिश करेगा उसे पुलिस गिरफ़्तार कर लेगी.

नए नियमों को सोमवार रात से ही लागू को कर दिया गया है, लेकिन सर्बिया ने हंगरी के इस कदम का समर्थन नहीं किया है.

यूरोपीय संघ के अनुसार इस साल अब तक पांच लाख प्रवासी उसकी सीमाओं के भीतर दाख़िल हुए जबकि ये संख्या 2014 में 2.8 लाख थी. ग्रीस के तट के पास 22 प्रवासी नौका डूबने से डूब भी गए थे.

200 प्रवासी सीमा पर डटे

इमेज कॉपीरइट Reuters

सर्बिया के श्रम मंत्री एलेक्ज़ांडर वुलिन का कहना है कि वो प्रवासी की मदद करने को तैयार हैं लेकिन साथ ही कुछ आशंकाएं भी ज़ाहिर कीं.

उन्होंने कहा, ''हम सभी प्रवासी को रहने की जगह, खाना और दवाईयां देंगे. अगर वो सर्बिया में दो या तीन दिन रुकते हैं तो हमें कोई मुश्किल नहीं है. लेकिन अगर वो इससे ज़्यादा यहां रुकते हैं तो हमारे लिए स्थिति गंभीर हो जाएगी.''

हंगरी में प्रवेश करने से रोके जाने पर, सीमा पर मौजूद 200 से ज्यादा शरर्णार्थियों ने तब तक कुछ खाने पीने से इंकार कर दिया है जब तक कि उन्हें सीमा पार करने की इजाज़त नहीं दी जाती

रोमानिया की सीमा पर बाढ़

इमेज कॉपीरइट epa

हंगरी का कहना है कि उसकी योजना पड़ोसी देश रोमानिया की सीमा पर बाड़ लगाने की है.

रोमानिया भी यूरोपीय संघ का सदस्य है. हंगरी के विदेश मंत्री का कहना है कि सर्बिया की सीमा पर बनाई गई बाड़ का विस्तार किया जाएगा ताकि शरर्णार्थियों को बिना जाँच प्रवेश करने से रोका जा सके.

हंगरी के सर्बिया से लगी दक्षिणी सीमा सील करने के बाद यूरोप का शरणार्थी संकट और अधिक गहराता जा रहा है.

आपात बैठक

इमेज कॉपीरइट Getty

उधर, जर्मनी की चांसलर एंगेला मेर्केल ने अगले हफ्ते यूरोपीय संघ के देशों के प्रमुखों की एक आपात बैठक बुलाई है.

मर्केल का कहना है कि प्रवासियों की समस्या का समाधान तभी हो सकता है जब पूरा यूरोपीय संघ मिल कर काम करे.

इस बीच, रूस के राष्ट्रपति, व्लादिमिर पुतिन ने सीरियाई सरकार को दिए जा रहे रूसी सैन्य समर्थन का पुरज़ोर बचाव किया है.

उन्होंने कहा कि सिर्फ़ सरकारी सुरक्षा बल ही इस्लामिक स्टेट के लड़ाकुओं को हरा सकते हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार